
वन मंत्री सुबोध उनियाल के पैतृक गांव औणी में प्रदर्शन, गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग
श्रीनगर/पौड़ी। उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल के पैतृक गांव औणी में महिला पर गुलदार के हमले के बाद ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को फूट पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने खंडाह के समीप श्रीनगर-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह करीब साढ़े दस बजे शुरू हुए प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार गुलदार के हमले बढ़ रहे हैं, लेकिन वन विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक गुलदार की दहशत से कई ग्राम सभाओं के लोग भय के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी पौड़ी, डीएफओ और अन्य सक्षम अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक हाईवे नहीं खोला जाएगा।
ग्राम प्रधान औणी हेमंती ने कहा कि गुलदार को तत्काल आदमखोर घोषित किया जाए और क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। वहीं ग्राम प्रधान चोवत शंकर नौटियाल ने मांग की कि राजाजी और कार्बेट नेशनल पार्क में तैनात प्रशिक्षित वन कर्मियों को क्षेत्र में भेजा जाए तथा आदमखोर गुलदार को मारने की कार्रवाई की जाए।
हालांकि प्रदर्शन के दौरान मानवता का परिचय देते हुए ग्रामीणों ने हाईवे से गुजर रही दो एंबुलेंस को रास्ता दिया, जबकि अन्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही।
मौके पर तहसीलदार श्रीनगर, पुलिस प्रशासन और वन विभाग की टीम मौजूद रही। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।




