युवा विधि सम्मेलन में डीबीयू के लॉ छात्रों ने दिखाया दम, लीगल टीम बनकर उभरे

देहरादून। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से रितु गुजराल फाउंडेशन की ओर से देहरादून में आयोजित ‘युवा विधि सम्मेलन’ में देवभूमि उत्तराखण्ड यूनिवर्सिटी (डीबीयू) के स्कूल ऑफ लॉ के छात्र-छात्राओं ने जोरदार सहभागिता की। सम्मेलन में विभिन्न विश्वविद्यालयों के विधि विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर समकालीन कानूनी विषयों पर अपने विचार और विधिक ज्ञान साझा किया।
सम्मेलन में पूर्व हाईकोर्ट जज जस्टिस राजेश टंडन मुख्य अतिथि रहे, जबकि उत्तराखंड बार काउंसिल के पदाधिकारी एडवोकेट राकेश गुप्ता की अध्यक्षता में विधि से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इसमें देवभूमि उत्तराखण्ड यूनिवर्सिटी, जागरण स्कूल ऑफ लॉ, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज देहरादून, डीबीएस ग्लोबल, ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी और आईएमएस यूनिसन के विधि छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
सम्मेलन में साइबर लॉ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल एविडेंस, मानवाधिकार और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों ने चर्चा की। इन विषयों को वर्तमान न्यायिक प्रक्रिया में बढ़ती तकनीकी भूमिका के संदर्भ में समझाया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को ट्रायल एडवोकेसी के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को लीगल प्रॉब्लम देकर उससे जुड़े इश्यू तैयार करने, डिजिटल तकनीक और एआई की मदद से कानूनी बिंदुओं का अध्ययन करने तथा मामले को विधिक बारीकियों के साथ प्रस्तुत करने का अभ्यास कराया गया।
सम्मेलन में डीबीयू स्कूल ऑफ लॉ के गौरव वर्मा, गौतम चंदवाल, जिंदगी, फौजिया, सुधांशु कुमार और अस्मिता ने शानदार लीगल टीम के रूप में सहभागिता की। टीम का नेतृत्व असिस्टेंट प्रोफेसर लॉ सुश्री आकांक्षा भट्ट ने किया, जबकि टीम का गठन विधि संकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल कुमार दीक्षित के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर गुजराल फाउंडेशन की अध्यक्ष रितु गुजराल और उत्तराखंड बार काउंसिल के पदाधिकारी एडवोकेट राकेश गुप्ता ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को मोमेंटो और प्रशस्ति-पत्र देकर प्रोत्साहित किया। निर्णायक मंडल में सीनियर एडवोकेट विवेक शर्मा, एडवोकेट आर.एस. राघव और समाजसेवी नेहा जोशी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




