धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: हाईकोर्ट के लिए गौलापार में 30 हेक्टेयर जमीन, क्रीड़ा विश्वविद्यालय को 122 पदों की मंजूरी

जीएसटी संशोधन अध्यादेश, मजदूरी संहिता नियमावली, गोपालन योजना, औद्योगिक नियमावली समेत 15 प्रस्तावों पर लगी मुहर
देहरादून, 7 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट के निर्णयों में न्यायपालिका, खेल, श्रमिक कल्याण, उद्योग, सहकारिता, वन, पशुपालन और कर व्यवस्था से जुड़े कई अहम फैसले शामिल रहे।
कैबिनेट ने उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संशोधित अध्यादेश को मंजूरी दे दी। वहीं नैनीताल हाईकोर्ट को हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में 30 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी गई। इसके साथ ही हाईकोर्ट परिसर के गौलापार में विकसित होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के सुचारु संचालन के लिए 122 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी है। इसके अलावा जल जीवन मिशन के अंतर्गत केंद्र पोषित योजनाओं के हस्तांतरण का मार्ग भी प्रशस्त किया गया।
ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन क्षेत्रों में पाई जाने वाली औषधीय एवं जड़ी-बूटी संपदा के संरक्षण और विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की। नई व्यवस्था के तहत संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान अनिवार्य होगा तथा समान कार्य के लिए पुरुष और महिला श्रमिकों को समान मजदूरी मिलेगी।
बैठक में गोपालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के लोगों को भी इसका लाभ देने का निर्णय लिया गया। योजना के तहत लाभार्थियों को सब्सिडी मिलेगी तथा वे गाय और भैंस दोनों खरीद सकेंगे।
उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली में संशोधन कर कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी सहकारी समितियों का सदस्य बनने का अधिकार दिया गया है।
कैबिनेट ने उत्तराखंड औद्योगिक नियमावली को भी मंजूरी दी। इससे नियोजकों और कर्मकारों के बीच संबंध बेहतर बनाने, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा शिकायत समिति के सदस्यों के चयन की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट किया गया है। साथ ही छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा अवसर देने का भी प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त वन विकास निगम सेवा संशोधन नियमावली को भी मंजूरी दी गई। स्केलर पदों पर भर्ती के लिए अब 100 अंकों की लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।




