50 लाख नहीं दिए तो काट देंगे कान! नौकरी के झांसे में फंसा युवक इथोपिया में बंधक

गदरपुर से शुरू हुआ खेल, बैंकॉक-दुबई होते हुए इथोपिया पहुंचा युवक; तस्वीरों और कॉल से खुला संगठित गिरोह का खौफनाक राज
विदेश में बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर ठगी और फिरौती का एक खौफनाक खेल गदरपुर से सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। दक्षिण कोरिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक को पहले लाखों रुपये ठग लिए गए और फिर उसे हजारों किलोमीटर दूर इथोपिया में बंधक बना लिया गया। अब उसकी रिहाई के बदले 50 लाख रुपये की मांग की जा रही है, साथ ही पैसे न देने पर उसके कान काटने की धमकी दी जा रही है।
अब्दुल्लानगर निवासी रोहित कुमार के परिवार के मुताबिक, गदरपुर के वार्ड नंबर 4, सिनेमा हॉल रोड निवासी हिमांशु शर्मा ने खुद को भरोसेमंद एजेंट बताकर विदेश भेजने की जिम्मेदारी ली थी। उसने परिवार को विश्वास दिलाया कि पूरी प्रक्रिया कानूनी तरीके से होगी और रोहित को सुरक्षित दक्षिण कोरिया पहुंचा दिया जाएगा।
परिवार ने बेहतर भविष्य की उम्मीद में 15 लाख रुपये का सौदा तय किया, जिसमें से 5 लाख 65 हजार रुपये आरोपी को दे दिए गए। लेकिन यहीं से धोखे का सिलसिला शुरू हो गया। साउथ कोरिया की जगह रोहित को पहले बैंकॉक, फिर शारजाह और दुबई होते हुए 5 अप्रैल 2026 को इथोपिया पहुंचा दिया गया।
इथोपिया पहुंचने के बाद से ही रोहित का परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया। कुछ समय बाद परिवार के पास जो तस्वीरें पहुंचीं, उन्होंने उनकी चिंता को दहशत में बदल दिया। तस्वीरों में रोहित का मुंह बंधा हुआ है और शरीर पर चोट के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं।
परिजनों का दावा है कि उन्हें कॉल रिकॉर्डिंग भी मिली है, जिसमें आरोपियों द्वारा पहले 80 लाख रुपये और फिर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। साथ ही एक क्यूआर कोड भेजकर रकम ट्रांसफर करने को कहा गया है। कॉल में साफ तौर पर धमकी दी गई है कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो रोहित के दोनों कान काट दिए जाएंगे।
परिवार का आरोप है कि यह काम किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का है। हिमांशु शर्मा के साथ अभिमन्यु, श्वेता, त्रिलोचन सिंह, मनदीप समेत कई अन्य लोग इस नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि गदरपुर के गूलरभोज रोड स्थित पपनेजा कॉलोनी के पास ‘इंट्रैको’ नाम से एक कार्यालय भी संचालित किया जा रहा था, जहां से विदेश भेजने के नाम पर इस तरह के जाल बिछाए जाते थे।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है और प्रशासन से लगातार गुहार लगा रहा है कि उनके बेटे को सुरक्षित वापस लाया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी हस्तक्षेप की बात कही है।
अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस अंतरराष्ट्रीय ठगी और अपहरण जैसे गंभीर मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई कर पाते हैं और रोहित को सकुशल वापस ला पाते हैं।




