यूनियन बैंक ने लॉन्च किया ‘यूनियन सुदर्शन’, एआई से मजबूत होगी बैंकिंग निगरानी

14 नई रणनीतिक पहलों की भी शुरुआत, ग्राहकों को तेज और सुगम बैंकिंग सेवाएं देने पर जोर
देहरादून, 17 सितंबर। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी डिजिटल परिवर्तन यात्रा के तहत पूर्णतः स्वचालित और केंद्रीकृत बैंकिंग इंटेलिजेंस हब ‘यूनियन सुदर्शन’ का उद्घाटन किया। मुंबई स्थित बैंक के एम.एस. मार्ग कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में वित्तीय सेवाएं विभाग, भारत सरकार के सचिव संजय लोहिया (आईएएस) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आशीष पाण्डेय समेत बैंक के वरिष्ठ अधिकारी और निदेशक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान बैंक ने ग्राहकों की सुविधा बढ़ाने, परिचालन क्षमता में सुधार करने और बैंकिंग सेवाओं को अधिक सहज बनाने के उद्देश्य से 14 नई रणनीतिक पहलों की शुरुआत की। बैंक के क्षेत्रीय कर्मचारियों के साथ शोध और परामर्श के बाद तैयार की गई इन पहलों का उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना, प्रतिक्रिया की गति बढ़ाना और कर्मचारियों को बेहतर तरीके से ग्राहकों की सेवा करने में सक्षम बनाना है।
एआई और मशीन लर्निंग से होगी सक्रिय निगरानी
‘यूनियन सुदर्शन’ पारंपरिक निगरानी व्यवस्था से आगे बढ़कर इंटेलिजेंस आधारित गवर्नेंस सिस्टम के रूप में काम करेगा। इसमें उन्नत एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया गया है। यह प्लेटफॉर्म बैंकिंग चैनलों में संभावित विसंगतियों की पहचान करने, शुरुआती स्तर पर जोखिम का पता लगाने और साक्ष्य आधारित निर्णय लेने में मदद करेगा।
प्लेटफॉर्म में अपवाद आधारित अलर्ट मैनेजमेंट की सुविधा भी है, जिसके जरिए जरूरी मामलों को संबंधित पदानुक्रम में स्वचालित रूप से आगे बढ़ाया जा सकेगा। इससे निगरानी व्यवस्था को प्रतिक्रियात्मक के बजाय अधिक सक्रिय बनाने में मदद मिलेगी।
साइबर सुरक्षा पर भी दिया जोर
कार्यक्रम में वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव संजय लोहिया ने डिजिटल बैंकिंग के दौर में साइबर सुरक्षा और साइबर आघात सहनीयता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कारोबार को सुगम बनाने, ग्राहक-केंद्रित सेवाओं को मजबूत करने और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल के जरिए टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने बैंक को मजबूत, आघात सहनीय और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पहल जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
‘यूनियन सुदर्शन’ स्मार्ट और भविष्य के बैंक की दिशा में कदम
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आशीष पाण्डेय ने कहा कि ‘यूनियन सुदर्शन’ एक स्मार्ट, तेज और भविष्य के लिए तैयार संस्थान बनाने की बैंक की सोच को दर्शाता है। डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटेलिजेंट ऑटोमेशन के इस्तेमाल से बैंकिंग प्रणालियों में दक्षता बढ़ाने, गवर्नेंस मजबूत करने, सक्रिय जोखिम प्रबंधन और ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है।
कार्यपालक निदेशक नितेश रंजन ने कहा कि शुरू की गई 14 नई पहलों का उद्देश्य ग्राहकों और कर्मचारियों दोनों के लिए कारोबार करना आसान बनाना है। इन पहलों के जरिए प्रक्रियाओं को सरल करने, टर्नअराउंड टाइम कम करने और रोजमर्रा की बैंकिंग में आने वाली परेशानियों को दूर करने पर ध्यान दिया गया है।
बैंक की विरासत को भी किया प्रदर्शित
कार्यक्रम में ‘यूनियन बैंक संग्रहालय’ का भी उल्लेख किया गया, जिसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पूर्ववर्ती कॉर्पोरेशन बैंक और पूर्ववर्ती आंध्रा बैंक के संस्थापकों को श्रद्धांजलि दी गई। संग्रहालय में बैंक के विकास, प्रमुख उपलब्धियों और मील के पत्थरों को प्रदर्शित करते हुए उसकी विरासत, संस्कृति और भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में योगदान को रेखांकित किया गया। ‘यूनियन सुदर्शन’ और 14 नई रणनीतिक पहल तकनीक, दक्षता और संस्थागत विरासत को साथ लेकर एक अधिक सक्षम, ग्राहक-केंद्रित और भविष्य के लिए तैयार बैंकिंग व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।




