हिंदी के रंग में रंगा देवभूमि विश्वविद्यालय, छात्रों ने नुक्कड़ नाटक से दिया खास संदेश

हिंदी दिवस पर देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में साहित्य और भाषा के महत्व पर हुई चर्चा
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। विवेकानंद पुस्तकालय विभाग के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान हिंदी भाषा के सांस्कृतिक और साहित्यिक महत्व पर वक्ताओं ने विचार रखे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय कुमार ने कहा कि देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली हिंदी भारत की राजभाषा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अंग्रेजी के साथ हिंदी का भी समान महत्व है। विद्यार्थियों को दोनों भाषाओं के ज्ञान के साथ अपनी मातृभाषा और भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान की भावना रखनी चाहिए।
प्रतिकुलपति प्रो. ऋतिका मेहरा ने हिंदी साहित्य के विकास में साहित्यकारों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य पढ़ने और साहित्यकारों की रचनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
विधि विभाग के डीन प्रो. गौरव त्यागी ने कहा कि हिंदी भारत के माथे की बिंदी है। उन्होंने कहा कि हिंदी को संविधान में राजभाषा का दर्जा प्राप्त है, जबकि देश की कोई राष्ट्रभाषा घोषित नहीं है। भारत की विभिन्न भाषाओं को समान सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की भाषाई विविधता ही भारत की विशेष पहचान है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हिंदी की सांस्कृतिक पहचान और भाषा के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के जरिए विद्यार्थियों ने हिंदी के प्रति सम्मान और भारतीय संस्कृति से इसके जुड़ाव का संदेश दिया।
विश्वविद्यालय पुस्तकालय की अध्यक्ष रेखा ठाकुर ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। लाइब्रेरी कमेटी की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति हांडा कक्कड़ ने कार्यक्रम का संयोजन किया। डिप्टी लाइब्रेरियन मीनाक्षी राजपूत ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में डॉ. गौरव त्यागी, डॉ. विनोद जोशी, अंजली अधिकारी, तृप्ति पाण्डेय, डॉ. दीपा, हिमांशु जखमोला सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, पुस्तकालय समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। हिंदी दिवस के अवसर पर 14 से 28 सितंबर तक हिंदी पखवाड़े के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।




