नए रंग–रूप में दिखेगा दून का घंटाघर
मुख्यमंत्री धामी ने किया नये स्वरूप का लोकार्पण, शहर की पहचान को मिला नया आकर्षण

देहरादून: दून का दिल कहे जाने वाला ऐतिहासिक घंटाघर अब आधुनिक और आकर्षक रूप में नजर आएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए घंटाघर के नये स्वरूप और स्वचालित प्रकाश व्यवस्था का लोकार्पण किया।
सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक स्वरूप
वर्ष 1953 में निर्मित घंटाघर शहर की पहचान और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। इसका सौंदर्यीकरण समय-समय पर किया गया, लेकिन इस बार इसके आकर्षण और नाइटलाइफ को और भी जीवंत बनाने के उद्देश्य से स्वचालित प्रकाश व्यवस्था जोड़ी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घंटाघर का यह रूप लोगों को गर्व का अहसास कराएगा।
महिलाओं के लिए हिलांस–कम–किचन आउटलेट
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए चार अत्याधुनिक हिलांस–कम–किचन आउटलेट्स का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ये आउटलेट्स महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त करेंगे। इसके साथ ही देहरादून के कलेक्ट्रेट, कोरोनेशन अस्पताल, गुच्चुपानी और आईएसबीटी पर भी हिलांस कैंटीन शुरू की गई हैं।
बाल भिक्षावृत्ति निवारण अभियान
मुख्यमंत्री ने बाल भिक्षावृत्ति निवारण अभियान की जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब तक 82 बच्चों को सड़क से हटाकर स्कूलों से जोड़ा गया है। इसके लिए अंतरविभागीय टीमों और रेस्क्यू वाहनों की मदद ली गई है। इन बच्चों के लिए साधूराम इंटर कॉलेज में इंटेंसिव केयर सेंटर भी बनाया जा रहा है।
शहर में विकास की नई योजनाएँ
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार देहरादून को आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
- शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं।
- 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं।
- ट्रैफिक और पार्किंग समस्या के समाधान हेतु भूमिगत पार्किंग और एलिवेटेड रोड की परियोजनाएँ चल रही हैं।
- वर्तमान में लगभग 1400 करोड़ रुपये की योजनाएँ संचालित हैं।
- जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय व्यापारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।



