
देहरादून/प्रेमनगर। प्रेमनगर क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के बाहर छात्रों की भीड़ को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस द्वारा एक युवक की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक को जमीन पर गिराकर लाठियों से पीटा जा रहा है, जिससे मामला तूल पकड़ गया।
जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय में प्रस्तावित एनुअल फेस्ट को लेकर पहले ही प्रशासन सतर्क था। हाल ही में छात्र दिव्यांशु जटराना की हत्या के बाद किसी भी बड़े आयोजन को लेकर पुलिस अतिरिक्त सावधानी बरत रही थी। इसी क्रम में कार्यक्रम को सीमित दायरे में आयोजित करने की अनुमति दी गई थी।
इसके बावजूद शुक्रवार को बड़ी संख्या में छात्र और बाहरी युवक विश्वविद्यालय के बाहर जुटने लगे। अव्यवस्थित पार्किंग और भीड़ के चलते क्षेत्र में जाम जैसे हालात बन गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रेमनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से वाहन हटाने व स्थान खाली करने को कहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अधिकांश छात्र मौके से हट गए, लेकिन एक युवक पुलिस से उलझ गया और बहस करने लगा। पुलिस ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात बढ़ने पर युवक मौके से भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और जमीन पर गिराकर लाठी से पीटना शुरू कर दिया।
घटना का वीडियो सामने आते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए और एसपी सिटी को मौके पर भेजा।
तत्काल कार्रवाई: दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर एक उपनिरीक्षक (SI) और एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और अनावश्यक बल प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मामले की गहन जांच एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है और रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जनता में नाराजगी, पुलिस पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों और छात्रों में नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस बीच, यह मामला कानून व्यवस्था बनाए रखने और बल प्रयोग की सीमाओं पर एक बार फिर बहस छेड़ रहा है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो तय करेगी कि इस पूरे घटनाक्रम में जिम्मेदारी किसकी बनती है और आगे क्या कार्रवाई होती है।



