
देहरादून, 17 अगस्त: उत्तराखंड के सरकारी अस्पताल अब निजी चिकित्सालयों की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट में हुई चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक में इस संबंध में कई प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं किसी भी स्तर पर निजी अस्पतालों से कमतर नहीं रहेंगी।
डीएम ने जिला चिकित्सालय के लिए 6 अतिरिक्त बेड, नई एक्स-रे मशीन, फोटोथेरेपी उपकरण, डिफिब्रिलेटर, जनरेटर और आवश्यक मैनपावर की स्वीकृति प्रदान की। साथ ही अस्पताल परिसर में ऑटोमेटेड पार्किंग, महिला कैंटीन और ब्लड बैंक को सशक्त करने की योजना को भी हरी झंडी मिली। उन्होंने कहा कि अब मरीजों को सुविधाओं की कमी के चलते दूसरे अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाएगा।
दिव्यांगों के लिए बनेगा राज्य का पहला DDRC
एक अहम कदम के तहत, गांधी शताब्दी चिकित्सालय में जल्द ही राज्य का पहला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) शुरू होगा। यहां दिव्यांगजन को प्रमाणन से लेकर फिजियोथेरेपी, कृत्रिम अंग और परामर्श तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सीएमएस डॉ. मन्नु जैन सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल रहे। यह पहल प्रदेश की जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है।



