
Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिमंडल की अहम बैठक संपन्न हो गई। बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले बजट को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार बजट में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
सरकार इस वर्ष 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट सदन के पटल पर रखेगी। साथ ही बजट में आवश्यक संशोधन किए जाने संबंधी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया गया है।
बजट को कैबिनेट की मंजूरी
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया जाएगा। यह बजट राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, पर्यावरण और कृषि क्षेत्र को गति देने पर केंद्रित रहेगा। कैबिनेट ने बजट प्रस्ताव को हरी झंडी देते हुए इसमें संशोधन की आवश्यकता पड़ने पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार मुख्यमंत्री को सौंपा है।
कैबिनेट बैठक के मुख्य फैसले
यूआईआईडीबी ढांचे में नए पद सृजित
यूआईआईडीबी के ढांचे में 14 नए पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। साथ ही पूर्व में सृजित सहायक महाप्रबंधक (लेखा/लेखाकार) के पदनाम में परिवर्तन तथा ऑफिस बॉय के मानदेय में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का विस्तार
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है, जहां नियमित प्राचार्य नियुक्त हैं। इससे शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड पुस्तकालय योजना को मंजूरी
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड पुस्तकालय योजना को कैबिनेट की स्वीकृति मिली। इसका उद्देश्य प्रदेश में पुस्तकालय संस्कृति को बढ़ावा देना और छात्रों को बेहतर अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराना है।
वन विभाग सेवा नियमावली में संशोधन
उत्तराखंड वन विभाग सर्वेक्षक सेवा नियमावली 2010 में संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली और पदोन्नति प्रक्रिया में स्पष्टता आएगी।
सभी नगर निगमों में पर्यावरण अभियंता के पद
शहरी विकास विभाग के तहत प्रदेश के सभी 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंता के पद सृजित किए जाएंगे। इन पदों पर संविदा के आधार पर भर्ती की जाएगी। इससे शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार की उम्मीद है।
सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026
राज्य में बागवानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 को मंजूरी दी गई। इससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध होंगे और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
मौन पालन नीति 2026
मौन पालन (बी-कीपिंग) नीति 2026 को भी स्वीकृति दी गई है। यह नीति स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहायक होगी।
विकास और रोजगार पर फोकस
कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार का फोकस आगामी वित्तीय वर्ष में शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, कृषि-बागवानी और रोजगार सृजन पर रहेगा। बजट में 10 प्रतिशत वृद्धि को राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



