दून विश्वविद्यालय के छात्रों ने राष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया उत्तराखंड का गौरव

चेन्नई में चमकी दून विश्वविद्यालय की प्रतिभा, दो श्रेणियों में हासिल की बड़ी सफलता
देहरादून। राष्ट्रीय युवा महोत्सव में दून विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभा का ऐसा रंग बिखेरा कि उत्तराखंड का मान राष्ट्रीय मंच पर और ऊंचा हो गया। चेन्नई में आयोजित इस प्रतिष्ठित आयोजन में विश्वविद्यालय ने दो प्रमुख श्रेणियों में शानदार सफलता दर्ज की।
दून विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज, नई दिल्ली के तत्वावधान में सत्यबामा विश्वविद्यालय, चेन्नई द्वारा आयोजित 39वें इंटर-यूनिवर्सिटी नेशनल यूथ फेस्टिवल 2025–26 में विश्वविद्यालय की टीम ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए सांस्कृतिक शोभायात्रा में द्वितीय स्थान तथा स्किट/थिएटर प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
10 से 14 मार्च तक आयोजित इस पाँच दिवसीय राष्ट्रीय महोत्सव में देशभर के 125 से अधिक विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। महोत्सव का उद्देश्य युवाओं में रचनात्मकता, सांस्कृतिक चेतना, शांति, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देना रहा। विभिन्न सांस्कृतिक और साहित्यिक विधाओं में हुए मुकाबलों के बीच दून विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए निर्णायकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
दून विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि ने न केवल संस्थान, बल्कि पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। प्रतियोगिता में मनस्वी, राजदीप राणा, अंजेश कुमार, कोमल, शौर्य, अनन्या, लोहित्य सिंह, आशुतोष बिष्ट, आदित्य चौहान, सिबान, शाश्वत और साक्षी सहित प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
इस उपलब्धि की सूचना मिलते ही दून विश्वविद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल बन गया। प्रो. सुरेखा डंगवाल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण के बल पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उत्तराखंड राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी रचनात्मक क्षमता, सांस्कृतिक समझ और अभिव्यक्ति कौशल को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर कुलसचिव श्री दुर्गेश डिमरी, प्रो. एच.सी. पुरोहित, प्रो. हर्ष डोभाल, प्रो. चेतन पोखरियाल, डॉ. राजेश भट्ट और डॉ. कैलाश कंडवाल सहित विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
उल्लेखनीय है कि दून विश्वविद्यालय के इस सांस्कृतिक दल का नेतृत्व डॉ. अजीत पंवार ने किया। उनके मार्गदर्शन में टीम ने राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित महोत्सव में उल्लेखनीय सफलता अर्जित कर विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत किया।



