प्रेमनगर ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा: पहली पत्नी की हत्या कर 4 दिन तक शव छिपाया, फिर जंगल में फेंका

मांडूवाला जंगल में कट्टे में मिला था महिला का शव, 2500 सीसीटीवी खंगालने के बाद पति ही निकला कातिल
देहरादून। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मांडूवाला जंगल में मिले महिला के शव की गुत्थी को देहरादून पुलिस ने सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज मामले में महिला का हत्यारा उसका अपना पति निकला, जिसने पहले गला घोंटकर हत्या की, फिर शव को चार दिनों तक छिपाए रखा और बाद में जंगल में ठिकाने लगा दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार 11 मार्च को मांडूवाला के जंगल में एक महिला का शव कट्टे में बंद मिला था। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान कर पाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रेमनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और खुलासे के लिए कई पुलिस टीमों को लगाया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास गहन कॉम्बिंग अभियान चलाया और करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा आसपास की झुग्गी-बस्तियों, मलिन बस्तियों और निर्माण स्थलों पर रह रहे लोगों का सत्यापन भी किया गया। लगातार पड़ताल के बाद पुलिस को एक अहम सुराग मिला कि एक निर्माणाधीन मकान में रहने वाले मजदूर की पत्नी होली के बाद से अचानक दिखाई नहीं दे रही है, जबकि उसकी छोटी बच्ची किसी दूसरी महिला के पास देखी जा रही थी।
इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने मजदूर रंजीत शर्मा तक पहुंच बनाई। पूछताछ में ठेकेदार ने बताया कि रंजीत की दो पत्नियां हैं। उसकी पहली पत्नी रूपा कुछ समय पहले अपनी बच्ची के साथ देहरादून आई थी और निर्माणाधीन मकान में ही रह रही थी। बाद में रंजीत ने ठेकेदार से बाइक और पैसे लेकर पत्नी को बिहार भेजने की बात कही, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी दूसरी पत्नी सुशीला वहां पहुंच गई। यहीं से पुलिस का शक और गहरा गया।
जब पुलिस रंजीत के ठिकाने पर पहुंची तो वह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे तुरंत पकड़ लिया गया। सख्ती से पूछताछ में उसने कबूल किया कि जंगल में मिला शव उसकी पहली पत्नी रूपा का ही था। आरोपी ने बताया कि उसने गुस्से में आकर रूपा की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि रंजीत और रूपा की शादी वर्ष 2009 में हुई थी। कुछ वर्ष पहले रूपा उसे छोड़कर दूसरे व्यक्ति के साथ चली गई थी और दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद रंजीत ने भी दूसरी शादी कर ली। करीब एक साल पहले रूपा फिर से उसके संपर्क में आई और बाद में अपनी 11 महीने की बच्ची के साथ देहरादून पहुंच गई। इसके बाद दोनों के बीच दूसरी पत्नी को लेकर तनाव बढ़ने लगा।
बताया जा रहा है कि रूपा, रंजीत पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। पांच मार्च की रात भी इसी मुद्दे पर झगड़ा हुआ। आरोप है कि इसी दौरान रंजीत ने रूपा का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने शव को सफेद कट्टे में भरकर कमरे में छिपा दिया और ऊपर से रजाई डाल दी, ताकि किसी को शक न हो।
हत्या के बाद आरोपी ने अपनी दूसरी पत्नी को देहरादून बुला लिया। बच्ची साथ होने के कारण वह तुरंत शव नहीं फेंक सका। चार दिनों तक शव कमरे में छिपाए रखने के बाद, दूसरी पत्नी के आने पर उसने बच्ची को उसके पास छोड़ा और ठेकेदार की बाइक से शव को जंगल में फेंक आया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को भरोसा था कि मृतका की पहचान नहीं हो पाएगी और मामला ठंडा पड़ जाएगा, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और जमीनी पड़ताल ने उसकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




