4400 पेड़ों की कटाई के विरोध में सड़क पर उतरे लोग
हाईवे परियोजना के खिलाफ एनएचएआई कार्यालय पर प्रदर्शन

ऋषिकेश-भानियावाला हाईवे के लिए पेड़ों की कटाई पर फूटा जनाक्रोश, एनएचएआई कार्यालय का घेराव
ऋषिकेश। ऋषिकेश-भानियावाला हाईवे चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रस्तावित हजारों पेड़ों की कटाई के विरोध में बुधवार को स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने एनएचएआई कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में युवाओं ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया और पेड़ों की कटाई रोकने की मांग उठाते हुए एनएचएआई व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने परियोजना को पर्यावरण और हाथी कॉरिडोर के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए अनूप नौटियाल ने कहा कि ऋषिकेश-देहरादून मार्ग पर चौड़ीकरण की कोई वास्तविक आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यहां ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं रहती। वहीं मयंक दत्ता ने दावा किया कि परियोजना के औचित्य में वीआईपी मूवमेंट को प्रमुख कारण बताया गया है, जबकि इसके लिए 4400 से अधिक पेड़ों की कटाई की जा रही है।
हिमांशु अरोड़ा ने कहा कि यह क्षेत्र हाथियों का प्राकृतिक आवास है और सुप्रीम कोर्ट भी हाथी कॉरिडोर संरक्षण को लेकर स्पष्ट निर्देश दे चुका है। प्रदर्शन के दौरान एनएचएआई के निदेशक सौरभ सिंह को ज्ञापन सौंपकर पेड़ कटान से जुड़ी सभी स्वीकृतियों और दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की गई। आंदोलन में इरा चौहान, लोकेश ओरी, भीम पाली और विजय भट्ट समेत बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।




