शादी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, 3 आरोपी गिरफ्तार
फर्जी मैट्रीमोनियल कॉल सेंटर का भंडाफोड़

AI की फर्जी दुल्हनों के जाल में फंसे हजारों लोग, कानपुर से करोड़ों की ठगी का खुलासा
मैट्रीमोनियल वेबसाइट की आड़ में शादी का झांसा देकर देशभर के हजारों लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एआई से तैयार की गई युवतियों की तस्वीरों के जरिए लोगों को फंसाने वाले इस फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
पुलिस ने मैट्रीमोनियल साइट के नाम पर चल रहे एक बड़े ठगी के नेटवर्क का खुलासा किया है. मामला उत्तर के कानपुर का है। कल्याणपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में ऐसे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ, जहां शादी का झांसा देकर देशभर के लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही थी।
पुलिस को सूचना मिली थी कि कल्याणपुर क्षेत्र के आवास विकास इलाके में एक संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि संचालित हो रही है। इसके बाद साइबर सेल और कल्याणपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अपार्टमेंट में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि मौके पर ऑनलाइन मैच पॉइंट नाम से मैट्रीमोनियल कॉल सेंटर संचालित मिला, जहां से कई राज्यों के लोगों को कॉल की जा रही थी। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी अनुराधा त्रिवेदी, विक्रम खूटे और प्रियंका को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा कॉल सेंटर में काम करने वाली करीब 15 युवतियों से पूछताछ की गई।
पुलिस जांच में पता चला कि कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों को रोजाना शादी के इच्छुक 100 से 150 लोगों के नंबर दिए जाते थे। बातचीत के दौरान उनकी पसंद, उम्र, जरूरत और शादी से जुड़ी जानकारी जुटाई जाती थी। इसके बाद उनकी पसंद के अनुसार एआई से तैयार की गई लड़कियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं। जब सामने वाला व्यक्ति भरोसे में आ जाता था तो उससे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रीमियम सर्विस और मिलने की व्यवस्था के नाम पर रकम मांगी जाती थी। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने करीब डेढ़ साल से यह नेटवर्क चला रखा था। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी 10 से 15 हजार से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं और ठगी की रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है।
जांच के अनुसार, गिरोह ने फर्जी मैट्रीमोनियल प्लेटफॉर्म तैयार कर उस पर एआई से बनाई गई आकर्षक युवतियों की तस्वीरें अपलोड की थीं। इसके बाद कॉल सेंटर में बैठी युवतियां खुद को संभावित जीवनसाथी बताकर शादी के इच्छुक लोगों से संपर्क करती थीं। लगातार बातचीत कर उनका भरोसा जीतने के बाद रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल एक्टिवेशन, प्रीमियम सदस्यता, वीडियो कॉल और मुलाकात तय कराने जैसे बहानों से उनसे अलग-अलग किस्तों में पैसे वसूले जाते थे।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और ऑनलाइन लेनदेन की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।



