एलीफेंट कॉरिडोर बचाने को आज NHAI कार्यालय पर प्रदर्शन
पर्यावरण और जनसुरक्षा का मुद्दा उठाएंगे प्रदर्शनकारी

वन कटान और ऋषिकेश-भानियावाला फोर-लेन परियोजना के खिलाफ आज सड़क पर उतरेंगे नागरिक
देहरादून। ऋषिकेश-भानियावाला फोर-लेन सड़क परियोजना के विरोध में बुधवार को नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के देहरादून कार्यालय के बाहर नागरिकों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन होगा। प्रदर्शन के माध्यम से एलीफेंट कॉरिडोर से होकर प्रस्तावित सड़क निर्माण को रोकने और परियोजना की दोबारा समीक्षा कराने की मांग उठाई जाएगी।
मंगलवार को देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में इरा चौहान, हिमांशु अरोड़ा, दिनेश सेमवाल और अनूप नौटियाल ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रस्तावित सड़क उत्तराखंड के संवेदनशील एलीफेंट कॉरिडोर से होकर गुजर रही है। उनका कहना था कि इससे हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन पर असर पड़ सकता है और भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की आशंका भी है।
प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने परियोजना के कानूनी पक्ष पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि एलीफेंट कॉरिडोर और वृक्ष कटान से जुड़े मामले न्यायालयों में विचाराधीन रहे हैं। ऐसे में किसी भी कार्रवाई से पहले सभी कानूनी और पर्यावरणीय पहलुओं का गंभीरता से परीक्षण किया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने दावा किया कि ऋषिकेश-भानियावाला मार्ग पर यातायात का दबाव इतना अधिक नहीं है कि फोर-लेन सड़क की आवश्यकता महसूस हो। साथ ही मानसून के दौरान बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई शुरू किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई। उनका कहना था कि विकास परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में यह भी घोषणा की गई कि 8 जुलाई को NHAI कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा इस वर्ष हरेला पर्व को ‘ब्लैक हरेला’ के रूप में मनाकर राज्य में हो रही वन कटाई के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उत्तराखंड का विकास जंगलों, वन्यजीवों और पारिस्थितिकी के संरक्षण के साथ संतुलन बनाकर ही किया जाना चाहिए।




