
देहरादून विजिलेंस का ट्रैप, 50 हजार लेते पकड़ी गई बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर, डीपीओ दफ्तर की भूमिका भी जांच के घेरे में
रुड़की। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच देहरादून विजिलेंस की टीम ने रुड़की में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बाल विकास विभाग में तैनात एक सुपरवाइजर को प्रमोशन दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के बाद विभागीय गलियारों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
सतर्कता विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, देहरादून सतर्कता सेक्टर में दर्ज मुकदमे के आधार पर बुधवार को ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। योजना के तहत टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये की रिश्वत ली, उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राखी सैनी के रूप में हुई है, जो रुड़की ग्रामीण द्वितीय क्षेत्र के बाल विकास अधिकारी कार्यालय में सुपरवाइजर के पद पर तैनात है। आरोप है कि वह एक कर्मचारी से प्रमोशन करवाने के एवज में पैसे की मांग कर रही थी। पीड़ित की शिकायत पर विजिलेंस ने कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया।
सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में विकास भवन रोशनाबाद स्थित डीपीओ कार्यालय के एक अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। विजिलेंस टीम अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जल्द ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसियां सख्त रुख अपनाए हुए हैं।


