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आधी रात ट्रेन से गायब हुई प्रज्ञा आखिर कहां चली गई? 6 दिन बाद बिहार में मिली तो सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

केदारनाथ धाम से लौटते समय नंदा देवी एक्सप्रेस से अचानक गायब हुई थी प्रज्ञा सिंह, ढाई महीने पहले हुआ था प्रेम विवाह 

केदारनाथ यात्रा से लौट रही कानपुर की प्रज्ञा सिंह के अचानक ट्रेन से गायब होने का मामला आखिरकार सुलझ गया है। 5 मई की आधी रात नंदा देवी एक्सप्रेस से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुई प्रज्ञा 6 दिन बाद बिहार के बेगूसराय में सुरक्षित मिलीं। इस घटना ने उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया था। परिवार को किसी अनहोनी का डर सता रहा था, वहीं पुलिस अपहरण, हादसे और मानव तस्करी जैसे कई एंगल पर जांच कर रही थी। लेकिन जब प्रज्ञा मिलीं तो सामने आई कहानी किसी फिल्मी घटनाक्रम से कम नहीं निकली।

केदारनाथ यात्रा से लौटते समय रहस्यमयी तरीके से ट्रेन से गायब हुई कानपुर की प्रज्ञा सिंह आखिरकार 6 दिन बाद बिहार के बेगूसराय में सुरक्षित मिल गईं। इस मामले ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी। शुरुआत में अपहरण या किसी हादसे की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन जांच में सामने आई सच्चाई ने सभी को हैरान कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, 5 मई की रात प्रज्ञा सिंह अपने पति मनीष के साथ केदारनाथ दर्शन के बाद नंदा देवी एक्सप्रेस से गाजियाबाद लौट रही थीं। सफर के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में प्रज्ञा ने पति को सबक सिखाने का फैसला कर लिया।

बताया गया कि जब मनीष ट्रेन में सो गए, तब प्रज्ञा चुपचाप ट्रेन से उतर गईं। गुस्से में उन्होंने यह भी नहीं देखा कि स्टेशन कौन सा है और आगे कहां जाना है।

बिना टिकट दूसरी ट्रेन में बैठ गईं

पुलिस पूछताछ में प्रज्ञा ने बताया कि स्टेशन पर खड़ी दूसरी ट्रेन में वह बिना टिकट ही चढ़ गई थीं। उन्हें यह तक नहीं पता था कि ट्रेन बिहार की ओर जा रही है। कई घंटे के सफर के बाद जब वह बेगूसराय पहुंचीं, तब उन्हें अपनी स्थिति का एहसास हुआ।

बेगूसराय पहुंचने के बाद प्रज्ञा ने अपनी मां को फोन कर बताया कि वह सुरक्षित हैं। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से उनकी लोकेशन ट्रेस कर उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया।

आधी रात को मच गई थी अफरा-तफरी

घटना वाली रात हरिद्वार तक सब कुछ सामान्य था। लेकिन मुजफ्फरनगर के पास जब मनीष की नींद खुली तो प्रज्ञा सीट पर नहीं थीं। काफी तलाश के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था, जिसके बाद रुड़की कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रेलवे ट्रैक पर सर्च ऑपरेशन चलाया और कई स्टेशनों के CCTV फुटेज खंगाले। हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि कुछ महत्वपूर्ण स्टेशनों के CCTV कैमरे खराब थे, जिससे पुलिस को काफी परेशानी हुई।

पुलिस ने प्रज्ञा को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल वह कानपुर स्थित अपने घर पर हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामला पारिवारिक विवाद और गुस्से में उठाए गए कदम का निकला। घटना का अंत सुरक्षित होने से परिवार ने राहत की सांस ली है, लेकिन रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और खराब CCTV कैमरों को लेकर सवाल अब भी बने हुए हैं।

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