
बोले डॉ. अभिषेक जोशी — “बुद्धिमत्ता और चरित्र का मेल ही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य”
उत्तरांचल यूनिवर्सिटी की साहित्यिक समिति (लिटरेरी कमेटी) द्वारा मातृदिवस के अवसर पर “बैज वितरण समारोह” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को उनकी उपलब्धियों, कड़ी मेहनत और समिति में निभाई गई विशेष जिम्मेदारियों के लिए बैज प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डायरेक्टर स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रोफेसर अभिषेक जोशी ने विद्यार्थियों को बैज पहनाकर उनकी उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, “बुद्धिमत्ता और चरित्र का मेल ही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य है।” उन्होंने शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास के महत्व पर भी जोर दिया।
समिति के चेयरपर्सन अनिल दीक्षित ने कहा, “कामयाबी ताउम्र का संघर्ष है, एक दिन की उपलब्धि नहीं।” उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
समिति के छात्र अध्यक्ष राहुल कुमार एवं सचिव भूमिका रनोत ने समिति की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय के “कुलगीत एवं लक्ष्य गीत” के सृजन में समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साथ ही उत्तराखंड राज्य निर्माण की रजत जयंती पर प्रस्तुत “देवभूमि गीत” को मिली पहचान के लिए उन्होंने विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। समारोह ने छात्रों को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता को नई दिशा देने के लिए प्रेरित किया।




