
देहरादून। राजधानी के राजपुर रोड इलाके में हुए चर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जांच के दौरान वारदात में शामिल शूटरों की पहचान कर ली गई है और उनके संभावित ठिकानों को लेकर भी अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
जिम से निकलते ही ताबड़तोड़ फायरिंग
घटना शुक्रवार सुबह की है। राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के पास जिम से बाहर निकलते समय बदमाशों ने विक्रम शर्मा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। उनके पास लाइसेंसी पिस्टल होने के बावजूद हमलावरों ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
सुनियोजित थी पूरी वारदात
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या पूरी तरह प्लानिंग के साथ की गई थी। शूटर कई दिन से विक्रम शर्मा की रेकी कर रहे थे और उनकी दिनचर्या पर नजर रखे हुए थे। जांच टीम को मिले इनपुट के अनुसार, दोनों हमलावर बाहरी राज्य से बुलाए गए पेशेवर अपराधी थे।
फ्लाइट से पहुंचे, हरिद्वार से किराए पर लिए वाहन
पुलिस के अनुसार, दोनों शूटर झारखंड से फ्लाइट के जरिए देहरादून पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने हरिद्वार से बाइक और स्कूटी किराए पर ली। गुरुवार को बाइक और शुक्रवार तड़के करीब चार बजे स्कूटी ली गई थी।
स्कूटी ‘आकाश’ नाम और झारखंड के पते पर किराए पर ली गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि दोनों वाहनों के लिए एक ही पहचान पत्र (आधार कार्ड) जमा कराया गया। वाहन हरिद्वार रेलवे स्टेशन के सामने स्थित दुकान से एक दिन के लिए किराए पर लिए गए थे।
जमशेदपुर के वागबेड़ा के निवासी हैं शूटर
पुलिस के मुताबिक, दोनों शूटर जमशेदपुर के वागबेड़ा इलाके के रहने वाले हैं। उनकी पहचान आकाश और आशुतोष के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी के लिए फायरिंग और अन्य गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को देहरादून पुलिस की टीम हरिद्वार पहुंची और वाहन किराए पर देने वालों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज हत्या ने एक बार फिर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के बीच पुलिस पर जल्द खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से टीम तेजी से काम कर रही है और आरोपितों की गिरफ्तारी जल्द संभव है।



