
देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के दो दिवसीय दीक्षांत समारोह की शुरुआत गुरुवार को स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में हुई। पहले दिन ऑनलाइन और डिस्टेंस मोड से पढ़ाई करने वाले 2361 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। समारोह में विश्वविद्यालय ने आजीवन प्लेसमेंट सेवा ऐप भी लॉन्च किया।
दीक्षांत में भावनात्मक दृश्य देखने को मिले—कई उम्रदराज विद्यार्थी अपने नाती–पोतों के साथ डिग्री लेने पहुंचे, जबकि कुछ माताएँ अपनी गोद में दुधमुंहे बच्चों को लेकर मंच तक पहुंचीं। युवाओं से लेकर 71 वर्ष तक के वरिष्ठ विद्यार्थी भी उपाधि प्राप्त करते दिखाई दिए, जिन्हें देख पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा।
मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय अध्यक्ष जितेन्द्र जोशी ने उपाधियाँ प्रदान कीं। कुलपति प्रो. धर्मबुद्धि ने सेंटर फॉर ऑनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष अंकिता जोशी ने कहा कि एआई और प्रतिस्पर्धा के दौर में ऑनलाइन शिक्षा समय के बेहतर उपयोग और समग्र विकास का सर्वश्रेष्ठ माध्यम बनकर उभर रही है।
समारोह की शुरुआत रजिस्ट्रार डॉ. अनुज राणा के नेतृत्व में पारंपरिक जुलूस से हुई। इस मौके पर उपाध्यक्ष (संचालन समिति) अनुराधा जोशी, उपकुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा, निदेशक प्रीतम डे, प्रो. कार्तिके गौड़, प्रो. प्रदीप सूरी, प्रो. सोनल शर्मा, डॉ. नितिन डुकलान, और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




