फर्जी सर्टिफिकेट से MBBS दाखिले का नेटवर्क बेनकाब, भोपाल से तीसरा आरोपी गिरफ्तार

MBBS दाखिला फर्जीवाड़ा : कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बनवाए फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र
देहरादून। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर MBBS समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला दिलाने के मामले में उत्तराखंड पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी 37 वर्षीय धीरज कुमार श्रीवास्तव के रूप में हुई है। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, धीरज श्रीवास्तव भोपाल में ‘MBBS Way’ नाम से कार्यालय संचालित करता था। जांच में सामने आया है कि वह निजी विश्वविद्यालयों में MBBS, BTech, BCA, BBA और BCom समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले कराने के लिए छात्रों और अन्य आरोपियों के संपर्क में था।
कार से 5.58 लाख रुपये नकद बरामद
SIT ने धीरज श्रीवास्तव को उसके वाहन के साथ गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान कार से 5 लाख 58 हजार 100 रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह रकम उसे फ्रीडम फाइटर कोटे के जरिए कुछ छात्रों को MBBS में दाखिला दिलाने के एवज में कमीशन के तौर पर मिली थी।
जांच में यह भी सामने आया कि तीन अभ्यर्थियों के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाए गए थे। इन्हीं प्रमाणपत्रों के आधार पर तीनों अभ्यर्थियों को अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में MBBS में दाखिला दिलाए जाने की बात सामने आई है।
पहले दो आरोपी भी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में इससे पहले SIT ने रूपेश पंडित और अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, रूपेश पंडित की निशानदेही पर मेरठ स्थित उसके घर से आठ लाख रुपये भी बरामद किए गए थे।
SIT अब फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराने, छात्रों को दाखिला दिलाने और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




