युवती से विधायक के फार्म हाउस में सामूहिक दुष्कर्म , दरोगा समेत चार गिरफ्तार

हरियाणा की 23 वर्षीय युवती ने चार पुलिसकर्मियों पर लगाया आरोप
यूपी पुलिस के दो कर्मी निलंबित, CRPF जवानों पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी
अमरोहा। हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के झूलपुरी स्थित उत्तराखंड के खानपुर विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस में हरियाणा की 23 वर्षीय युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। युवती की शिकायत पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सीआरपीएफ का एक इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और हसनपुर कोतवाली में तैनात एक दरोगा व हेड कांस्टेबल शामिल हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता हरियाणा के फतेहाबाद जिले की रहने वाली है और एक निजी कंपनी में नौकरी करती है। उसकी पहचान सीआरपीएफ में तैनात हेड कांस्टेबल मोहित उर्फ विक्की से एक महिला मित्र के माध्यम से हुई थी। पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर को युवती सोनीपत में मोहित से मिली थी। इसके बाद वह उसके साथ कार में सवार होकर निकली। रास्ते में सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम यादव भी उनके साथ हो गए। दोनों के साथ युवती के पहले से परिचित होने की बात पुलिस ने बताई है।
हसनपुर पहुंचने के बाद फार्म हाउस ले गए
पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर की शाम तीनों हसनपुर पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात हसनपुर कोतवाली में तैनात सब इंस्पेक्टर संजय तोमर से हुई। इसके बाद सभी झूलपुरी स्थित फार्म हाउस पहुंचे और वहां कमरे लिए। कुछ देर बाद हसनपुर कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल प्रमोद भी खाना लेकर फार्म हाउस पहुंचा।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, रात में खाना-पीना होने के बाद मोहित, लालाराम और संजय तोमर युवती के कमरे में पहुंचे। युवती ने आरोप लगाया कि उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। इसके बाद प्रमोद के कमरे में आने पर युवती ने उसे धक्का देकर बाहर किया और कमरा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद उसने पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस फार्म हाउस पहुंची और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
चारों गिरफ्तार, दो पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस ने युवती की तहरीर पर हसनपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल मोहित उर्फ विक्की, सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम यादव, सब इंस्पेक्टर संजय तोमर और हेड कांस्टेबल प्रमोद शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मोहित की तैनाती सीआरपीएफ की पांचवीं बटालियन दिल्ली में और लालाराम यादव की 156वीं बटालियन न्यू बोगाईगांव, असम में है।
मुरादाबाद रेंज के डीआईजी मुनिराज जी के अनुसार, हसनपुर थाने में तैनात रहे दरोगा और सिपाही के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है। दोनों स्थानीय पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
विधायक ने बताया- अधिकारी बताकर फार्म हाउस पहुंचे थे
फार्म हाउस के मालिक और खानपुर विधायक उमेश शर्मा ने बताया कि घटना वाली रात एक सीआरपीएफ अधिकारी, स्थानीय थाने का एसआई, एक महिला और एक सीआरपीएफ जवान फार्म हाउस पहुंचे थे। विधायक के अनुसार, दरोगा ने बताया था कि सीआरपीएफ अधिकारी गृह मंत्रालय से आए हैं और किसी बड़ी जांच के सिलसिले में कुछ घंटे फार्म हाउस में रुकेंगे। महिला को भी अधिकारी बताया गया था और उसके साथ मौजूद सीआरपीएफ जवान को उसका पीएसओ बताया गया था। बाद में स्थानीय पुलिस फार्म हाउस पहुंची और सभी को गिरफ्तार कर ले गई।
विधायक से संपर्क नहीं हो सका
मामले में विधायक उमेश शर्मा का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। उनके पीए जुबेर काजमी ने बताया कि विधायक की थेरेपी चल रही है और वह खानपुर में एक रैली में थे। कमर में दर्द के कारण उनसे तत्काल बातचीत नहीं हो सकी। पीए के अनुसार, विधायक कार्यालय की ओर से मामले में गुरुवार सुबह 11 बजे जानकारी दी जाएगी।
पुलिस ने युवती को फिलहाल अमरोहा के वन स्टॉप सेंटर में रखा है। आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान, घटनास्थल और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है और जांच में जिसकी जो भूमिका सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।




