मन की सेहत भी जरूरी, नुक्कड़ नाटक से छात्रों ने समाज को किया जागरूक

माया देवी विश्वविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन, तनाव और अवसाद से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता बरतने की अपील
देहरादून। मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही जरूरी है। तनाव, चिंता और अवसाद से जूझ रहे लोगों को आलोचना नहीं, बल्कि समझ और सहयोग की जरूरत होती है। इसी संदेश के साथ माया देवी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया। छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक भेदभाव को दूर करने के साथ प्रभावित लोगों की बात सुनने और उन्हें उचित सहायता देने की अपील की।
कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन की थीम “स्वास्थ्य के लिए एकजुट रहें” के संदेश को प्रमुखता से उठाया गया। इसके तहत मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे लोगों के अनुभवों को समझने और उनसे जुड़े फैसलों, नीतियों व सेवाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत बताई गई। नुक्कड़ नाटक के जरिए विद्यार्थियों ने समझाया कि मानसिक परेशानियों को कमजोरी या सामाजिक कलंक मानने के बजाय संवेदनशीलता के साथ उनका सामना करना चाहिए।
प्रस्तुति में स्कूल ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज के संजीव, नीशा कुमारी और माधव बंसल, स्कूल ऑफ फार्मेसी के फरीद अख्तर, मोहम्मद साहिब, वंश पाल, मयूर और प्रिंस सैनी तथा स्कूल ऑफ आर्ट्स के दिनेश टाक ने भाग लिया।
नुक्कड़ नाटक की सूत्रधार श्रीमती भावना अरोरा और डॉ. निधि गर्ग रहीं, जबकि कार्यक्रम का संकलन कुमार मयंक और श्रीमती रविशा कुड़ियाल ने किया। इस अवसर पर डिप्टी रजिस्ट्रार विनोद ठाकुर और विजय कुमार, डॉ. आरबी सिंह, अमित श्रीवास्तव, पंकज चतुर्वेदी, क्रिस्टीना, आरती और अर्जुन सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में स्कूल ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज के संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार दीक्षित ने सभी प्रतिभागियों और लाभार्थियों का आभार व्यक्त किया।



