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देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ, छात्रों को बताए सफलता के मूल मंत्र

पूर्व पुलिस अधीक्षक जी.एस. आवाना बोले— “राजा राज्ये पूजयते, विद्वान सर्वत्र पूज्यते”, कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय कुमार ने शिक्षा को बताया सम्मान और सफलता का आधार

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ में बुधवार को दीक्षारम्भ-2026 कार्यक्रम का आयोजन दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना के साथ किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय कुमार, पूर्व पुलिस अधीक्षक जी.एस. आवाना, परीक्षा नियंत्रक सन्नी वर्मा, लॉ डीन प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार दीक्षित समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय कुमार ने कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति को विद्वान बनाती है और समाज में सम्मान दिलाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि ज्ञान और संस्कार के बल पर ही वे अपने माता-पिता के सपनों को साकार कर देश और समाज के विकास में योगदान दे सकते हैं।

मुख्य वक्ता एवं पूर्व पुलिस अधीक्षक जी.एस. आवाना ने विद्यार्थियों को अनुशासन, कानून के सम्मान और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “राजा राज्ये पूजयते, विद्वान सर्वत्र पूज्यते”, अर्थात राजा का सम्मान केवल उसके राज्य में होता है, जबकि विद्वान का सम्मान हर स्थान पर होता है। उन्होंने छात्रों से संस्थान से लेकर समाज तक कानून का सम्मान करने और अनुशासित जीवन अपनाने की अपील की।

परीक्षा नियंत्रक सन्नी वर्मा ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की मूल्यांकन प्रणाली, परीक्षा नियमावली और शैक्षणिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें अध्ययन के प्रति गंभीर रहकर अनुशासन का पालन करना चाहिए।

स्कूल ऑफ लॉ के डीन प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार दीक्षित ने दीक्षारम्भ कार्यक्रम की उपयोगिता बताते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, नियमों, संस्कृति और शिक्षकों से परिचित कराना है ताकि वे सहजता के साथ अपने नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत कर सकें।

विधि विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव त्यागी ने कहा कि दीक्षारम्भ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, करुणा, समानता और चरित्र निर्माण की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने बताया कि इस दौरान विद्यार्थियों को पुस्तकालय, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, खेल परिसर सहित विश्वविद्यालय की विभिन्न सुविधाओं से परिचित कराया जाता है तथा पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली और संस्थान की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी जाती है।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए नवप्रवेशित विद्यार्थियों के अलावा लॉ फैकल्टी की सुश्री आकांक्षा भट्ट, हिमांशु जखमोला, डॉ. विनोद जोशी, नीलम सिंह, स्माइल गोयल, डॉ. राजन हांडा, सुश्री आयुषी अरोरा तथा लाइब्रेरियन मीनाक्षी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। मंच संचालन सुश्री आकांक्षा भट्ट एवं स्माइल गोयल ने किया, जबकि अंत में डॉ. विनोद जोशी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

 

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