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एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी और जर्मनी के संस्थान के बीच साझेदारी, भारतीय छात्रों को मिलेंगे अंतरराष्ट्रीय अवसर

छात्र-संकाय एक्सचेंज, संयुक्त शोध और एआई आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा, वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाने पर जोर

देहरादून। भारतीय छात्रों को वैश्विक शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, पुणे ने जर्मनी के बर्लिन स्कूल ऑफ बिजनेस एंड इनोवेशन (बीएसबीआई) के साथ शैक्षणिक सहयोग का समझौता किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गति देना है।

समझौते के तहत दोनों संस्थान छात्र और संकाय विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त शोध परियोजनाएं तथा आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण मॉडल पर मिलकर काम करेंगे। इससे भारतीय छात्रों को वैश्विक शैक्षणिक वातावरण का अनुभव मिलने के साथ विदेशों के विशेषज्ञों के साथ सीखने और शोध करने के अवसर भी प्राप्त होंगे।

एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार गणेश पोकले ने कहा कि यह साझेदारी दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान और नवाचार का मजबूत सेतु बनेगी। वहीं बीएसबीआई के प्रोवोस्ट प्रो. डॉ. काइरियाकोस कौवेलियोटिस ने इसे भारत और यूरोप के बीच शैक्षणिक सहयोग का नया अध्याय बताते हुए कहा कि दोनों संस्थान जल्द ही छात्र और संकाय आदान-प्रदान तथा साझा शोध गतिविधियां शुरू करेंगे।

अपने संबोधन में प्रो. कौवेलियोटिस ने उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई का उद्देश्य शिक्षकों की जगह लेना नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यों का बोझ कम कर उन्हें छात्रों के मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए अधिक समय उपलब्ध कराना है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय छात्रों में वैश्विक स्तर पर सीखने की क्षमता और प्रतिभा भरपूर है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि विश्वस्तरीय शिक्षा और अवसर भारत में ही विकसित किए जाएं, ताकि प्रतिभाओं का पलायन कम हो और देश में नवाचार को बढ़ावा मिले।

प्रो. कौवेलियोटिस ने विश्व शांति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी की शिक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में यह संस्थान स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखता है।

 

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