राहुल गांधी के कार्यक्रम पर संकट, परेड ग्राउंड की अनुमति अटकी

17 जुलाई को परेड ग्राउंड में प्रस्तावित है ‘ छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम, कार्यक्रम से पहले सियासी घमासान, कांग्रेस ने खोला मोर्चा
देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 17 जुलाई को प्रस्तावित देहरादून दौरे से पहले कार्यक्रम स्थल को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। परेड ग्राउंड में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के आयोजन पर प्रशासन ने फिलहाल अनुमति नहीं दी है। इसके बाद कांग्रेस और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है।
कांग्रेस का कहना है कि कार्यक्रम के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले अनुमति दी गई थी, लेकिन अब प्रशासन अपना रुख बदल रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दावा किया कि पार्टी को पहले अनुमति मिल चुकी थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम की तैयारियों के लिए देर रात परेड ग्राउंड पहुंचने की अपील भी की है।
दूसरी ओर नगर निगम प्रशासन का कहना है कि कांग्रेस के आवेदन के साथ शुरुआत में कार्यक्रम का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया था। इसलिए जारी की गई अनुमति कुछ शर्तों के अधीन थी और अंतिम स्वीकृति संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने के बाद ही संभव है।
प्रशासन का यह भी तर्क है कि परेड ग्राउंड में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘लोक संवर्धन पर्व’ की अवधि अब 17 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। इसके अलावा 16 और 17 जुलाई को राज्यपाल के प्रस्तावित कार्यक्रम भी उसी स्थल पर निर्धारित हैं। ऐसे में पहले से स्वीकृत आयोजनों को प्राथमिकता देने के नियम लागू होंगे।
अधिकारियों के अनुसार कांग्रेस की ओर से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है, जबकि परेड ग्राउंड की क्षमता सीमित है। इसी कारण पार्टी को वैकल्पिक स्थल के रूप में बन्नू फील्ड का सुझाव दिया गया है। यदि आवश्यक औपचारिकताएं और एनओसी समय पर पूरी होती हैं तो नियमानुसार आगे निर्णय लिया जा सकता है।
उधर कांग्रेस अब कार्यक्रम के लिए दूसरे स्थानों पर भी विचार कर रही है। प्रस्तावित कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों के साथ पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संवाद करने वाले हैं। इससे पहले जून में उनका उत्तराखंड दौरा खराब मौसम के कारण स्थगित हो गया था। अब 17 जुलाई के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कांग्रेस तैयारियों में जुटी है, जबकि कार्यक्रम स्थल को लेकर अंतिम फैसला प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।



