देहरादून में ‘युद्ध नहीं, शांति चाहिए’ की गूंज, सर्वधर्म सभा में वैश्विक तनाव पर चिंता

गांधी पार्क में दून सिटीजन फोरम की पहल, युद्ध में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि, प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा सुझावों का पत्र
देहरादून। इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच देहरादून में शांति और सद्भाव का संदेश देने के लिए दून सिटीजन फोरम के तत्वावधान में गांधी पार्क में सर्वधर्म शांति सभा का आयोजन किया गया। “युद्ध नहीं, शांति चाहिए” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने भाग लेकर एक स्वर में शांति की अपील की।
सभा के दौरान युद्ध में मारे गए सैकड़ों निर्दोष लोगों, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने सामूहिक प्रार्थना कर विश्व में अमन-चैन की कामना की।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान वैश्विक संघर्ष मानवता के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है और इसका प्रभाव केवल युद्धग्रस्त देशों तक सीमित नहीं है। इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है, जहां रसोई गैस की उपलब्धता, उद्योगों पर दबाव और बढ़ती आर्थिक चुनौतियां आम जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं। सबसे अधिक असर गरीब और कमजोर वर्ग पर पड़ रहा है।
सभा में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा, “हमें युद्ध नहीं, शांति चाहिए; विनाश नहीं, विकास चाहिए।” उन्होंने विश्व नेताओं से संयम बरतने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में यह निर्णय लिया गया कि दून सिटीजन फोरम की ओर से प्रधानमंत्री को एक सामूहिक पत्र भेजा जाएगा, जिसमें शांति स्थापना के लिए ठोस सुझाव दिए जाएंगे। साथ ही सभी उपस्थित लोगों ने समाज में एकता, भाईचारे और मानवता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस आयोजन में आलोक लाल, जगमोहन मेंहदीरत्ता, अनूप नौटियाल, जगमोहन मेंदीरत्ता, सुशील त्यागी, फ्लोरेंस पांधी, प्रदीप कुकरेती, हरिओम पाली, नरेश चंदोंक, परमजीत कक्कड़, उमेद सिंह रावत, जया सिंह, अमित तोमर, आशालाल, मोहन खत्री और अवधेश शर्मा सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप कुकरेती ने किया, जबकि समापन अनूप नौटियाल ने किया।



