
पत्रकार यूनियन की शिकायत पर शिक्षा विभाग को सख्त निगरानी के निर्देश
देहरादून। जिले में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि और महंगी किताबों की जबरन खरीद को लेकर अब माहौल गरमाने लगा है। उत्तराखंड पत्रकार यूनियन ने जिलाधिकारी सविन बंसल को ज्ञापन सौंपते हुए इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त जांच व निगरानी के निर्देश जारी कर दिए हैं।
यूनियन ने साफ कहा कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले ही कई निजी स्कूलों ने नियमों को दरकिनार कर नई कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया है, जबकि बोर्ड परीक्षाएं अभी जारी हैं। ऐसे में अप्रैल में तय होने वाला फीस स्ट्रक्चर अभिभावकों पर भारी पड़ सकता है।
सबसे बड़ा आरोप किताबों को लेकर है। यूनियन के मुताबिक, सीबीएसई पाठ्यक्रम की एनसीईआरटी किताबें सस्ती और आसानी से उपलब्ध होने के बावजूद, स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को अन्य प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। इसे शिक्षा के नाम पर खुली लूट करार दिया गया है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो अभिभावकों का आर्थिक शोषण बढ़ेगा। यूनियन ने मांग की है कि सभी निजी स्कूलों की फीस वृद्धि प्रक्रिया और किताबों की खरीद व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जाए तथा दोषी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि बीते वर्षों में भी जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने मनमानी फीस वसूलने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की थी, जिससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिली थी। अब एक बार फिर उसी तरह की सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है।
ज्ञापन देने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में जिला महासचिव दरबान सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री इंद्रेश कोहली, प्रदेश महासचिव हरीश जोशी, जिला प्रचार मंत्री सचिन गौनियाल और सदस्य गीता बिष्ट समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।



