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मिलावटी दूध से 4 की मौत, कई अस्पताल में भर्ती

23 फरवरी। आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी शहर में कथित रूप से मिलावटी दूध पीने से दो दिनों के भीतर चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग अस्पताल में भर्ती हैं। सभी मरीजों को पेशाब न आने (एनुरिया) की गंभीर समस्या के बाद अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
रविवार रात इलाज के दौरान एस. शेषगिरी राव (72) और राधा कृष्णमूर्ति (74) की मौत हो गई। इससे पहले दो अन्य लोगों की भी जान जा चुकी है। तीन लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। मृतक और प्रभावित लोग ईस्ट गोदावरी जिले के लाला चेरुवु और चौदेश्वरी नगर इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं।

14 लोग एनुरिया के लक्षणों के साथ भर्ती
स्थानीय प्रशासन के अनुसार 15 फरवरी से अब तक कम से कम 14 लोगों को एनुरिया के लक्षणों के साथ विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। बीमार पड़े लोगों में ज्यादातर बुजुर्ग हैं, जबकि एक तीन साल का बच्चा और पांच महीने का शिशु भी प्रभावितों में शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग को संदेह है कि दूध में मिलावट के कारण यह स्थिति पैदा हुई। सभी प्रभावित परिवारों को दूध सप्लाई करने वाला विक्रेता एक ही बताया जा रहा है।

महाशिवरात्रि पर लिया गया था दूध
परिवारों ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन विक्रेता द्वारा दिया गया दूध और दही कड़वे स्वाद का था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दूध विक्रेता गणेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
ईस्ट गोदावरी की जिला कलेक्टर कीर्ति चेकुरी ने कहा कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। मेडिकल और हेल्थ विभाग की विशेष टीमें जांच में जुटी हैं।
हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर कमिश्नर जी. वीरपांडियन ने बताया कि संदिग्ध मामलों के बाद विभाग सतर्क है और प्रभावित क्षेत्रों से दूध, पानी और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर लैब जांच के लिए भेजे गए हैं।

मुख्यमंत्री ने ली हाई-लेवल बैठक
राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि संबंधित विक्रेता 106 घरों में दूध सप्लाई कर रहा था। अब तक 75 परिवारों से सैंपल लिए जा चुके हैं और बाकी से भी संग्रह जारी है।
मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही फूड सेफ्टी और मेडिकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल राजमुंदरी पहुंचने के आदेश दिए गए हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप और रैपिड टेस्ट शिविर लगाए गए हैं। अब सभी की नजरें लैब रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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