काला रविवार : ऋषिकेश में छात्र और चमोली में किशोरी की मौत
नदी हादसों ने छीनी दो जिंदगियां

देहरादून निवासी 11वी कक्षा का छात्र दोस्तों के साथ आया था घूमने
उत्तराखंड में रविवार का दिन नदी हादसों के नाम रहा। ऋषिकेश और चमोली में अलग-अलग घटनाओं में दो परिवारों की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। ऋषिकेश में दोस्तों संग घूमने आया देहरादून का 17 वर्षीय छात्र गंगा में डूब गया, जबकि चमोली के कर्णप्रयाग में पिंडर नदी में नहाने गई 15 वर्षीय किशोरी की जान चली गई। दोनों हादसों ने प्रदेशभर को झकझोर कर रख दिया है।
पहली घटना तीर्थनगरी ऋषिकेश की है, जहां त्रिवेणी घाट के पास नाव घाट पर रविवार सुबह गंगा स्नान के दौरान देहरादून निवासी आयुष थापा तेज बहाव में बह गया। बताया गया कि आयुष अपने तीन दोस्तों के साथ सुबह करीब 7:45 बजे ऋषिकेश पहुंचा था। चारों दोस्त गंगा में नहा रहे थे, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह तेज धारा में ओझल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही जल पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। देर शाम तक छात्र का कोई सुराग नहीं लग पाया था। हादसे के बाद उसके दोस्तों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों को सूचना दे दी गई है।
वहीं दूसरी घटना चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र से सामने आई, जहां पिंडर नदी किनारे नहा रही 15 वर्षीय अमृता का पैर अचानक फिसल गया और वह तेज धारा में बह गई। स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीमों ने काफी खोजबीन के बाद किशोरी का शव बरामद कर लिया।
एक ही दिन में हुए इन दो नदी हादसों ने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तेज बहाव वाली नदियों के किनारे सुरक्षा नियमों को लेकर लोग अब भी लापरवाह बने हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घाटों और नदियों में स्नान करते समय विशेष सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।


