जस्टिस सुभाष उपाध्याय बनेंगे उत्तराखंड हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश, कॉलेजियम ने दी मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 23 सितंबर की बैठक में प्रस्ताव मंजूर, मई 2025 से अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में दे रहे हैं सेवाएं
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में न्यायिक व्यवस्था से जुड़ा अहम निर्णय सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 23 सितंबर 2026 को हुई बैठक में हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश जस्टिस सुभाष उपाध्याय को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कॉलेजियम की स्वीकृति के बाद अब उनकी स्थायी नियुक्ति से जुड़ी औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
जस्टिस सुभाष उपाध्याय वर्तमान में उत्तराखंड हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने 30 मई 2025 को इस पद की शपथ ली थी। इससे पहले उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ और उत्तराखंड हाईकोर्ट में लंबे समय तक वकालत की। इस दौरान उन्होंने सिविल, संवैधानिक और सेवा मामलों में पैरवी की तथा राज्य के मुख्य स्थायी वकील समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
अल्मोड़ा के सल्ट से है संबंध
जस्टिस सुभाष उपाध्याय का पैतृक संबंध अल्मोड़ा जिले की सल्ट तहसील से है। उनका जन्म 12 दिसंबर 1972 को हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 1998 में वकालत शुरू की।
2022 में हाईकोर्ट कॉलेजियम ने भेजी थी संस्तुति
जस्टिस उपाध्याय को हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की प्रक्रिया भी लंबी रही। उत्तराखंड हाईकोर्ट कॉलेजियम ने सितंबर 2022 में उनके नाम की संस्तुति की थी। इसके बाद 12 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने भी उन्हें हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की। करीब दो साल बाद मई 2025 में उन्होंने उत्तराखंड हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 23 सितंबर 2026 की मंजूरी के बाद जस्टिस सुभाष उपाध्याय के स्थायी न्यायाधीश बनने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।



