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प्रेमी संग रची साजिश, पति की हत्या… तीन हत्यारों को फांसी 

गुच्छूपानी में ई-रिक्शा चालक मोहसिन की पत्थर से कुचलकर हत्या

देहरादून कोर्ट का बड़ा फैसला, अवैध संबंध और सुपारी किलिंग के मामले में दो को उम्रकैद भी

देहरादून, 22 अगस्त : राजधानी देहरादून के गुच्छूपानी में नवंबर 2022 में हुए ई-रिक्शा चालक मोहसिन हत्याकांड में अदालत ने शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रथम महेश चंद्र कुशवाहा की कोर्ट ने हत्या के तीन आरोपियों को फांसी और दो को उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि मृतक की पत्नी शीबा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।

कैसे रचा गया खौफनाक षड्यंत्र

तेलपुरा मेहूंवाला निवासी मोहसिन ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन करता था। उसकी पत्नी शीबा के रईस खान नामक युवक से अवैध संबंध थे। पति को रास्ते से हटाने के लिए शीबा और उसके प्रेमी रईस ने मोहसिन की हत्या की साजिश रची।

रईस ने अपने साथी साबिर अली के साथ मिलकर अरशद, शाहरुख और रवि को दो लाख रुपये की सुपारी दी। तीनों ने योजना बनाकर मोहसिन को गुच्छूपानी बुलाया, जहां पर उसे बेरहमी से पत्थरों से कुचलकर मार डाला गया।

ऐसे हुआ पूरा खेल

  • 28 नवंबर 2022 – मोहसिन को अरशद के मोबाइल नंबर से लगातार 5 कॉल की गईं।
  • 29 नवंबर की रात – मोहसिन को गुच्छूपानी की ओर बुलाया गया।
  • 30 नवंबर की सुबह – पर्यटक स्थल गुच्छूपानी की पार्किंग के पास मोहसिन का शव मिला। उसका चेहरा बुरी तरह पत्थरों से कुचला हुआ था, आसपास खून और पत्थर पड़े थे।
  • 30 नवंबर शाम – पुलिस ने कॉल डिटेल व सीसीटीवी खंगाले, जिसमें मोहसिन से हुई कॉल की पुष्टि हुई।
  • 1 दिसंबर 2022 – पुलिस ने लोकेशन ट्रैक कर अरशद को बल्लूपुर चौक से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया।
  • इसके बाद – शाहरुख, रवि, साबिर अली और रईस खान को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मोहसिन की पत्नी शीबा को भी षड्यंत्र में शामिल पाते हुए गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस की जांच और चार्जशीट

शव मिलने के बाद पुलिस ने जब मामले की गुत्थी सुलझाई तो सामने आया कि हत्या की वजह सिर्फ अवैध संबंध और दो लाख रुपये की सुपारी थी। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई और मुकदमा चलाया गया। अरशद, शाहरुख और रवि कश्यप – हत्या में सीधे शामिल पाए गए, इन्हें फांसी की सजा सुनाई गई। साबिर अली और रईस खान – षड्यंत्र में शामिल, इन्हें उम्रकैद व 25-25 हजार रुपये का जुर्माना।शीबा (पत्नी) – संदेह का लाभ देते हुए बरी हो गई।

कोर्ट ने आदेश दिया कि उम्रकैद पाए दोषी तीन माह के भीतर मृतक के बच्चों को 1-1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति दें।

 

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