
श्रीनगर/पौड़ी, 22 अगस्त। पौड़ी के तलसारी गांव निवासी 32 वर्षीय युवक जितेंद्र कुमार की मौत को लेकर शुक्रवार को परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ हाईवे पर जाम लगा दिया। परिजन आरोपी प्रॉपर्टी डीलर हिमांशु चमोली को फांसी की सजा देने की मांग पर अड़े रहे। करीब ढाई घंटे तक चले हंगामे के बाद उपजिलाधिकारी श्रीनगर नुपूर वर्मा के लिखित आश्वासन के बाद अंत्येष्टि संपन्न हो सकी।
शव के साथ हाइवे जाम और नारेबाजी
सुबह करीब 9 बजे परिजन शव को लेकर बिलकेदार स्थित पैत्रृक घाट पहुंचे। लेकिन अंतिम संस्कार करने के बजाय उन्होंने हाईवे पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी यहां जुटे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। परिजनों ने कहा कि जब तक आरोपी को फांसी की सजा नहीं मिलती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
मृतक की बहन पूनम ने कहा कि उसका भाई लंबे समय से आरोपी हिमांशु चमोली के दबाव और प्रताड़ना से परेशान था। पिता सतीश चंद्र और छोटे भाई नरेंद्र कुमार ने भी आरोपी को कठोर दंड देने की मांग की।
आत्महत्या का मामला और पुलिस की जांच
गौरतलब है कि 20 अगस्त की रात जितेंद्र ने अपने दोस्तों संग जंगल में जाने के बाद कार के भीतर ही गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। फॉरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि गोली उसी ने चलाई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रानीपोखरी क्षेत्र में जमीन की डील के लिए जितेंद्र ने आरोपी हिमांशु चमोली को 35 लाख रुपये दिए थे, न तो जमीन का सौदा तय हुआ और न ही पैसे वापस मिले। लगातार टालमटोल से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
एसडीएम के आश्वासन के बाद उठाया शव
हाईवे जाम और बढ़ते तनाव को देखते हुए मौके पर उपजिलाधिकारी श्रीनगर नुपूर वर्मा पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को लिखित आश्वासन दिया कि आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी और मृतक से ली गई धनराशि की वसूली की जाएगी। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक श्रीनगर अनुज कुमार, पुलिस उपाधीक्षक पौड़ी तोषार बोरा और कोतवाली प्रभारी जयपाल सिंह नेगी सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।



