नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार
बाजपुर में कोविल बायोटेक में एसटीएफ की रेड, नकली दवाओं का जखीरा बरामद

बिना वैध लाइसेंस नामी कंपनियों के नाम पर तैयार हो रही थीं एलोपैथिक दवाएं, एक आरोपी गिरफ्तार, कई अन्य जांच के दायरे में
रुद्रपुर। उत्तराखंड में जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली दवाइयां बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान बाजपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित कोविल बायोटेक (Covil Biotech) के प्लॉट एफ-13 और एफ-14 पर छापा मारा गया। मौके से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी धीरेंद्र को गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में वैध ड्रग मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस के बिना एलोपैथिक दवाओं का निर्माण और पैकेजिंग की जा रही थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी आयुर्वेदिक और फूड लाइसेंस की आड़ में नामी दवा कंपनियों स्टैडमेड (Stadmed), मैक्लियोड्स (Macleods), इंटास (Intas) और सन फार्मा (Sun Pharma) के नाम से कथित तौर पर नकली दवाओं का निर्माण कर रहा था।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने सेफिफाइन-200 (Cefifine-200) की 11,200 टैबलेट, निमुफिन (Nimufin) की 5,250 टैबलेट, सनक्लैव (Sunclav) की 2,100 स्ट्रिप, वेल्टम प्लस (Veltam Plus) की 36,000 टैबलेट, गैबापिन (Gabapin) की 28,500 टैबलेट और सोम्प्राज (Sompraz) की 2,100 टैबलेट बरामद कीं।
इसके अलावा अल्कासोल (Alkasol) की 2,400 बोतलें, रुबिरेड सस्पेंशन (Rubired Suspension) की 1,600 बोतलें तथा ओस्टोकैल्शियम बी12 सस्पेंशन (Ostocalcium B12 Suspension) की 9,560 बोतलें भी जब्त की गईं।
एसटीएफ और औषधि प्रशासन की टीम ने फैक्ट्री से स्टेनलेस स्टील टैंक, दवा भरने (फिलिंग), सीलिंग और लेबलिंग मशीनें, बड़ी संख्या में प्रिंटेड लेबल, फॉइल तथा पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी बरामद की है। मामले की जांच जारी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद दवाओं का उपयोग एसिडिटी, संक्रमण, दर्द व सूजन, नसों के दर्द, प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं, कैल्शियम एवं विटामिन की कमी तथा आयरन सप्लीमेंट के रूप में किया जाता था।
एसटीएफ का कहना है कि यह संगठित गिरोह लंबे समय से सक्रिय हो सकता है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं और मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।




