
Lucknow के चर्चित ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआत में जिसे एक सीधी-सादी पारिवारिक वारदात माना जा रहा था, अब वह कई परतों वाली साजिश की कहानी बनती जा रही है। आरोपी बेटे अक्षत ने पिता मानवेंद्र की हत्या कबूल की है, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, मामला सुलझने के बजाय और उलझता नजर आ रहा है।
मां की मौत भी सवालों के घेरे में
सूत्रों के मुताबिक, मानवेंद्र की पहली पत्नी की मौत भी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने जहर खाकर जान दी थी, लेकिन परिवार की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई। अब पुलिस इस पुराने मामले को भी नए सिरे से खंगाल सकती है।
महिला रिश्तेदार से संबंध पर शक
पड़ोसियों का दावा है कि घटना वाले दिन मानवेंद्र की किसी महिला से फोन पर जोरदार बहस हुई थी। सूत्र यह भी बताते हैं कि वह अपनी ही एक शादीशुदा महिला रिश्तेदार से लंबे समय से संपर्क में थे। अक्षत और अन्य परिवारजनों को इस रिश्ते की भनक लग चुकी थी। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इसी विवाद ने हत्या की पृष्ठभूमि तैयार की?
चाचा-चाची की भूमिका संदिग्ध?
मानवेंद्र के भाई, जो पुलिस विभाग में हैं और एक विधायक की सुरक्षा में तैनात बताए जाते हैं, उसी मकान में रहते थे। उनकी पत्नी भी घर में मौजूद थीं। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां चाचा-चाची की भूमिका को भी पूरी तरह खारिज नहीं कर रही हैं। हालांकि अभी तक किसी के खिलाफ आधिकारिक आरोप नहीं लगाए गए हैं।
बेटी की मौजूदगी और कई अनुत्तरित सवाल
मानवेंद्र की 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी घटना के समय घर में मौजूद थी। आरोपी अक्षत ने कबूल किया है कि उसने बहन के सामने ही पिता की हत्या की। परिवार का कहना है कि बेटी सदमे में है, लेकिन पड़ोसियों का दावा है कि उसके हाव-भाव सामान्य दिखे और वह घटना के बाद स्कूल भी गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि हत्या घर के अंदर हुई, तो गोली की आवाज किसी ने क्यों नहीं सुनी? बहन ने कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? घर के अन्य सदस्यों को भनक कैसे नहीं लगी?
‘नीट प्रेशर’ की थ्योरी पर भी सवाल
शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पढ़ाई और ‘नीट’ के दबाव की बात कही गई थी। लेकिन पड़ोसियों और करीबी लोगों ने इस थ्योरी को नकार दिया है। उनका कहना है कि अक्षत 12वीं में बायोलॉजी का छात्र जरूर था, लेकिन वह मैनेजमेंट का कोर्स कर होटल-रेस्टोरेंट का कारोबार करना चाहता था। ऐसे में केवल करियर प्रेशर को हत्या की वजह मानना कई सवाल खड़े करता है।
पुलिस अब हर संभावित एंगल पर जांच कर रही है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर केवल बेटे की स्वीकारोक्ति ही सामने आई है, लेकिन रिश्तों की उलझन, पुराने विवाद और परिवार के भीतर के तनाव इस हत्याकांड को एक ‘मिस्ट्री मर्डर’ बना चुके हैं।
जैसे-जैसे परतें खुल रही हैं, लखनऊ का यह नीला ड्रम केस प्रदेश की सबसे पेचीदा आपराधिक गुत्थियों में शामिल होता जा रहा है।




