
बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनी माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होकर शहर के बीचों-बीच एक तालाब में जा गिरा। यह हादसा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के केपी कॉलेज के पीछे स्थित तालाब में हुआ, जहां तेज धमाके जैसी आवाज सुनते ही आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया।
चश्मदीदों के मुताबिक, विमान सामान्य रूप से उड़ान भर रहा था, लेकिन कुछ ही पलों में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह तेजी से नीचे आकर तालाब में गिर पड़ा। घटना के बाद सैकड़ों स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर बैरिकेडिंग कर दी गई।
स्थानीय लोगों ने किया रेस्क्यू में सहयोग
चश्मदीद पदम सिंह ने बताया, “हम लोग स्कूल कैंपस में थे, तभी रॉकेट जैसी तेज आवाज आई। दौड़कर पहुंचे तो देखा कि कुछ लोग दलदल में फंसे थे। हम तालाब में कूदे और तीन लोगों को बाहर निकाला।”
दोनों पायलट सुरक्षित, बड़ी राहत
भारतीय वायुसेना की ओर से जारी शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी पर था। विमान में दो पायलट सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दोनों को कोई गंभीर चोट नहीं आई, जिससे प्रशासन और वायुसेना ने राहत की सांस ली है।
जांच शुरू, तकनीकी खराबी की आशंका
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत टीमें मौके पर पहुंच गईं। तालाब से विमान को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है, ताकि उसकी तकनीकी जांच की जा सके। वायुसेना और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम हादसे के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रेनिंग उड़ानों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है और इस घटना के हर पहलू की गहन जांच की जाएगी।




