
देहरादून। राजधानी देहरादून के मियाँवाला क्षेत्र में रहने वाले होनहार क्रिकेटर पार्थ परमार ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर बड़ा मुकाम हासिल किया है। पार्थ का चयन उत्तराखंड अंडर-14 क्रिकेट टीम में एक बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में हुआ है, जिससे उनके परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
छिद्दरवाला ट्रायल से मिला प्रदेश का मंच
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) की ओर से दिसंबर माह में छिद्दरवाला स्थित आयुष क्रिकेट अकादमी में अंडर-14 वर्ग के ट्रायल आयोजित किए गए थे। इन ट्रायल्स में प्रदेशभर से आए सैकड़ों खिलाड़ियों में से सिर्फ 20 खिलाड़ियों का चयन किया गया, जिनमें मियाँवाला निवासी पार्थ परमार ने अपनी जगह पक्की की।
विराट कोहली हैं आदर्श, बल्लेबाजी के साथ विकेटकीपिंग में भी माहिर
पार्थ बचपन से ही भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली को अपना आदर्श मानते हैं। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और निरंतरता साफ झलकती है। इसके साथ ही पार्थ विकेटकीपिंग में भी दक्ष हैं, जो उन्हें टीम के लिए एक बहुमूल्य खिलाड़ी बनाता है।
350 से अधिक मैच, 24 शतक और 13 हजार से ज्यादा रन
पार्थ के पिता चंद्रपाल सिंह परमार, जो मियाँवाला में कन्फेक्शनरी की दुकान संचालित करते हैं, बताते हैं कि पार्थ वर्ष 2018 से लगातार क्रिकेट खेल रहा है। अब तक वह 350 से अधिक मैच खेल चुका है, जिसमें उसने 24 शतक लगाए हैं और 13,000 से ज्यादा रन बनाए हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
माता-पिता को दिया श्रेय
उत्तराखंड अंडर-14 टीम में चयन को लेकर पार्थ ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। पार्थ का कहना है कि “माता-पिता ने हमेशा मुझे खेल के लिए पूरा समर्थन और स्वतंत्रता दी। आज जो भी हूं, उन्हीं की वजह से हूं।”
पार्थ का लक्ष्य अब उत्तराखंड टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करना है। उन्होंने कहा कि वह अधिक से अधिक रन बनाकर टीम को जीत दिलाने और आगे चलकर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। मियाँवाला से निकलकर प्रदेश टीम तक पहुंचा पार्थ परमार आज सैकड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।




