राष्ट्रपति मुर्मु का देवभूमि में भव्य स्वागत, पतंजलि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हुईं शामिल
1454 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, 62 शोधार्थियों को विद्या वारिधि और 3 को विद्या वाचस्पति की डिग्री

सोमवार सुबह 11 बजे राष्ट्रपति करेंगी विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित
मंगलवार सुबह जाएंगी कैंचीधाम स्थित बाबा नीम करौली आश्रम
देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शनिवार को दो दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर देहरादून पहुंचीं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, मंत्रियों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
राष्ट्रपति के आगमन के साथ ही सुरक्षा और प्रोटोकॉल की व्यापक व्यवस्थाएँ की गई थीं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से राष्ट्रपति का काफिला सीधे हरिद्वार के पतंजलि विश्वविद्यालय पहुंचा, जहाँ उन्होंने विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
पतंजलि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने दी डिग्रियाँ और आशीर्वचन
रविवार को आयोजित पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के द्वितीय दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। कुल 1454 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 62 शोधार्थियों को विद्या वारिधि (Ph.D.) और 3 शोधार्थियों को विद्या वाचस्पति की उपाधि दी गई। इसके अलावा 615 विद्यार्थियों को परास्नातक और 774 विद्यार्थियों को स्नातक की डिग्री प्रदान की गई।
इस अवसर पर राज्यपाल गुरमीत सिंह ने राष्ट्रपति को राष्ट्रपति भवन की वनस्पतियों पर आधारित दो पुस्तकें — ‘Flora of Rashtrapati Bhavan’ और ‘Medicinal Plants of Rashtrapati Bhavan’ — की प्रतियाँ भेंट कीं।
विज्ञान और अध्यात्म का अद्भुत संगम” : राष्ट्रपति मुर्मु
राष्ट्रपति ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय आधुनिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। यहाँ शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल ज्ञान दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें भारतीय जीवन-मूल्यों और परंपराओं से भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान विज्ञान और अध्यात्म के अद्भुत संगम को आगे बढ़ा रहा है और भारत की नई पीढ़ी को समग्र दृष्टिकोण प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने बताई राज्य की शिक्षा और विज्ञान क्षेत्र में प्रगति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर नवाचार कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की जा चुकी है, जिसके अंतर्गत विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक कोर्स शुरू किए गए हैं।
भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन हेतु दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना की गई है।
कार्यक्रम में पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामदेव, कुलपति आचार्य बालकृष्ण, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, डॉ. कल्पना सैनी, राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
नैनीताल राजभवन और कुमाऊं विश्वविद्यालय का दौरा
सोमवार शाम साढ़े पांच बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु नैनीताल के राजभवन पहुंचेंगी। यहां वे राजभवन की स्थापना के 125 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस अवसर पर वे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ समारोह में उपस्थित रहेंगी।
राजभवन कार्यक्रम के बाद मंगलवार सुबह राष्ट्रपति कैंचीधाम स्थित बाबा नीब करौरी आश्रम जाएंगी और दर्शन करेंगी। यह कार्यक्रम आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दोनों ही दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बाद अपराह्न तीन बजे वे कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी। यहां भी वे विद्यार्थियों को संबोधित करेंगी और श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पदक प्रदान करेंगी।




