
1 साल में सात बार हमला, एक बार हाईजैक
पाकिस्तान की जफर एक्सप्रेस बनी आतंकियों का निशाना
देश-विदेश में शाही ट्रेनों और उनकी आलीशान सुविधाओं की चर्चाएं अक्सर होती हैं, लेकिन पाकिस्तान की एक ट्रेन ऐसी भी है जिसे दुनिया की सबसे खतरनाक ट्रेन कहा जा सकता है। इस ट्रेन पर इस साल अब तक सात बार हमले, एक बार अपहरण, और कई बार बम विस्फोट तथा बेपटरी होने की घटनाएं हो चुकी हैं।
यह ट्रेन है — जफर एक्सप्रेस, जो पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान के विद्रोही क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ती है। यही कारण है कि यह ट्रेन लंबे समय से अलगाववादी संगठनों का प्रमुख निशाना बनी हुई है।
हाल ही में सिंध प्रांत के सुल्तान कोट रेलवे स्टेशन के पास एक विस्फोट में जफर एक्सप्रेस के चार डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसमें सात यात्री घायल हुए। घटना उस वक्त हुई, जब ट्रेन क्वेटा से पेशावर की ओर जा रही थी।
बलूचिस्तान, जो ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से सटा इलाका है, लंबे समय से अस्थिरता का केंद्र बना हुआ है। यहां बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA), बलूच रिपब्लिकन गार्ड (BRG) और बलूच लिबरेशन फ्रंट जैसे संगठन स्वतंत्रता की मांग को लेकर सक्रिय हैं।
मार्च में हुआ था सबसे बड़ा हमला —
इस साल मार्च में BLA ने बलूचिस्तान के बोलन क्षेत्र में जफर एक्सप्रेस को 400 यात्रियों समेत अगवा कर लिया था। सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच चली 30 घंटे लंबी मुठभेड़ में 33 आतंकियों को मार गिराया गया, लेकिन इस घटना में 23 सैनिक, तीन रेलवे कर्मचारी और पांच यात्रियों की मौत हो गई थी।
अगस्त में मस्तुंग जिले में विस्फोट से छह डिब्बे उतर गए थे, जिसमें चार यात्री घायल हुए। इसी महीने कोलपुर के पास ट्रेन पर गोलीबारी हुई। जून में जैकोबाबाद में रिमोट से विस्फोट कर चार डिब्बे पटरी से उतार दिए गए। जुलाई में सक्कर में ट्रेन बेपटरी होने की घटना पहले बम हमले से जोड़कर देखी गई, लेकिन जांच में तकनीकी खराबी निकली।
लगातार होती घटनाओं से यह स्पष्ट है कि जफर एक्सप्रेस पाकिस्तान की सबसे खतरनाक ट्रेन बन चुकी है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा और विद्रोही गतिविधियों की गंभीर तस्वीर पेश करती है।




