70 की उम्र में 20 साल की युवती से चौथी शादी, बवाल
पहली शादी से हैं आठ बच्चे, नगर निगम की करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी पर कर रखा है कब्जा

बच्चों के बाद पत्नियों को छोड़ने का आरोप, जान से मारने की धमकी का भी दावा
एक बुजुर्ग शख्स द्वारा अपने से करीब 50 साल छोटी युवती से चौथा निकाह करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद परिवार में विवाद गहरा गया है और दूसरी पत्नी ने खुलकर विरोध जताते हुए पुलिस से शिकायत की है।
यह मामला गाजियाबाद का है, जहां आरोपी को स्थानीय स्तर पर सपा नेता बताया जा रहा है।
बुधवार को दूसरी पत्नी नाजरीन अपने बेटे के साथ कमिश्नर कार्यालय पहुंचीं और एडिशनल पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति हर पत्नी से बच्चे होने के बाद उसे छोड़ देते हैं या घर से निकाल देते हैं। उनका कहना है कि अब वे एक 20 वर्षीय युवती को घर ले आए हैं, जिससे परिवार में तनाव और बढ़ गया है।
हाजी खलील गाजियाबाद के कैला भट्टा इलाके के रहने वाले हैं। पत्नी नाजरीन के मुताबिक, उनके पति हाजी खलील 1995 और 2000 में इस्लामनगर से दो बार पार्षद रह चुके हैं। पहली बार पार्षद बनने के बाद उन्होंने 1998 में पहला निकाह किया था, जिससे उनके 8 बच्चे हैं। बाद में पहली पत्नी को छोड़ दिया।
नाजरीन के मुताबिक, उन्होंने 1991 में हाजी खलील से दूसरा निकाह किया था, लेकिन उस समय उन्हें पहली शादी के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। इस शादी से उनके तीन बच्चे हैं। दो बेटियां और एक बेटा। उन्होंने बताया कि 2010 में हाजी खलील ने तीसरा निकाह किया, लेकिन बाद में उस पत्नी को तलाक देकर अलग कर दिया।
नाजरीन के मुताबिक, दो वर्ष पूर्व हाजी खलील एक जूनियर हाईस्कूल के मैनेजर नियुक्त हुए। मैनेजर रहते उन्होंने इसी स्कूल की 20 वर्षीय छात्रा से चौथा निकाह कर लिया। बताया कि हाजी खलील की करीब 50 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी है, नगर निगम की 30 करोड़ की प्रॉपर्टी पर भी पति ने कब्जा कर रखा है। आरोप है कि अधिकांश प्रॉपर्टी पति ने अपनी चौथी पत्नी के नाम कर दी है। उन्हें और उनके बच्चों को घर से निकालने पर आमदा हैं।
नाजरीन ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस में की, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने अपनी और बच्चों की सुरक्षा की मांग करते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है। अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पहले भी विवादों में रहा नाम
बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति पर पहले भी अवैध कब्जे जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। नगर निगम की जमीन पर कथित अतिक्रमण के मामले में जांच के बाद नोटिस जारी किया गया था और कुछ हिस्सों से अवैध निर्माण हटाया भी गया था। इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
पुलिस कर रही जांच
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




