
देहरादून में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, बुधवार से प्रदेशभर में पानी की आपूर्ति बंद करने की चेतावनी
देहरादून। जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों का भुगतान लंबित होने से नाराज देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के ठेकेदारों ने मंगलवार को इंदिरा रोड स्थित एसडब्ल्यूएसएम कार्यालय में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। ठेकेदारों ने लंबित बिलों, सिक्योरिटी राशि और अन्य बकाया भुगतान जारी करने के साथ ही विभागीय कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग उठाई। संगठन ने चेतावनी दी कि मंगलवार शाम तक मुख्यमंत्री या सचिव स्तर से ठोस आश्वासन नहीं मिला तो बुधवार से प्रदेशभर में जल जीवन मिशन की परियोजनाओं से पानी की आपूर्ति बंद करने का कदम उठाया जा सकता है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि ठेकेदारों ने दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में अपनी पूंजी, बैंक ऋण, संसाधन और श्रम लगाकर योजनाओं को पूरा किया, लेकिन वर्षों से वैध भुगतान के लिए विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। भुगतान अटकने से बैंक ऋण का ब्याज बढ़ रहा है और मजदूरों के पारिश्रमिक के साथ आपूर्तिकर्ताओं की देनदारियां चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब केवल मौखिक आश्वासन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। संगठन को लिखित निर्णय और भुगतान की समयसीमा चाहिए।
भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी
पिथौरागढ़ से पहुंचे ठेकेदार ललित कन्याल ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर कार्यालय परिसर में भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
छह प्रमुख मांगों पर जोर
एसोसिएशन ने शासन को सौंपे ज्ञापन में छह प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें जल जीवन मिशन के तहत मापे गए कार्यों के लंबित बिलों, अंतिम भुगतान, सिक्योरिटी डिपॉजिट और रोकी गई धनराशि को समयबद्ध तरीके से जारी करना शामिल है। संगठन ने ब्लैकलिस्टिंग, रिकवरी और रिस्क एंड कॉस्ट जैसी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने तथा ठेकेदारों की गलती नहीं होने पर बिना अर्थदंड समय विस्तार देने की मांग की है।
इसके अलावा भुगतान प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाने, बिलों के निस्तारण की समयसीमा तय करने, थर्ड पार्टी से संबंधित कारणों के चलते भुगतान नहीं रोकने और रेट्रोफिटिंग, एमवीएस व एसवीएस योजनाओं में एक समान भुगतान प्रक्रिया लागू करने की मांग उठाई गई है। संगठन ने सभी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पेयजल सचिव, मिशन निदेशक, पेयजल निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और ठेकेदारों के प्रतिनिधियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाने की भी मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि भुगतान में देरी से पेयजल योजनाओं के निर्माण, संचालन और रखरखाव पर असर पड़ सकता है। संगठन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि अपने वैध भुगतान और संविदात्मक अधिकारों की रक्षा करना है। मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने पर प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन और कार्यबंदी की चेतावनी भी दी गई है।
प्रदर्शन में उपाध्यक्ष सचिन मित्तल, महासचिव सुनील गुप्ता, बृजमोहन, गौरव गोयल, अंकित सलार, भरत सिंह पवार, ललित कन्याल, जीता राम सैनी, गोविंद सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह, मोहित पवार, रजत सिंघल, जेपी अग्रवाल, केशव सिंह, सुनील जोशी, जगजीत सिंह सहित अन्य ठेकेदार मौजूद रहे।


