‘पेड़ बचाओ साइक्लिंग रैली’ से गूंजा देहरादून, हजारों पेड़ों की कटाई पर उठाई आवाज

साइकिल रैली के जरिए पर्यावरण संरक्षण, हाथी कॉरिडोर की सुरक्षा और संतुलित विकास का दिया संदेश
देहरादून। पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों को बचाने के उद्देश्य से रविवार को देहरादून साइक्लिंग क्लब की ओर से ‘पेड़ बचाओ साइक्लिंग रैली’ का आयोजन किया गया। रैली के माध्यम से लोगों को पेड़ों के महत्व, स्वच्छ पर्यावरण, बेहतर जीवन गुणवत्ता और वन्यजीव संरक्षण, विशेष रूप से हाथी कॉरिडोर की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही भानियावाला–ऋषिकेश के सात मोड़ क्षेत्र में प्रस्तावित करीब 3000 पेड़ों की कटाई पर भी चिंता जताई गई।
रैली का शुभारंभ प्रेमनगर से हुआ और यह पंडितवाड़ी, एफआरआई, बल्लूपुर, यमुना कॉलोनी, बिंदाल पुल और घंटाघर होते हुए संपन्न हुई। पूरे मार्ग में साइकिल चालकों ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्ष बचाने के संदेश वाले नारों के साथ लोगों को जागरूक किया।
देहरादून साइक्लिंग क्लब के अध्यक्ष हरिसिमरन सिंह ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी रही है। उन्होंने चिपको आंदोलन की प्रेरणास्रोत गौरा देवी और पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की विरासत पेड़ों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने की रही है।
उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता जिसकी कीमत हजारों पेड़ों और पर्यावरण को चुकानी पड़े। सरकार को बड़े स्तर पर वृक्षों की कटाई जैसे निर्णय लेने से पहले गंभीरता से विचार करना चाहिए, क्योंकि राज्य के नागरिक लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून साइक्लिंग क्लब अनावश्यक वृक्ष कटान के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले सभी पर्यावरणविदों और सामाजिक संगठनों के साथ खड़ा है।
रैली में हरिसिमरन सिंह, प्रणय पंत, आरती, महावीर, शानवी, केशव, चित्रांग, हैरिस समेत क्लब के कई सदस्य शामिल रहे।


