किमाड़ी बचाओ, देहरादून बचाओ: 700 पेड़ों की कटाई के विरोध में उठी साइक्लिस्टों की आवाज
मसूरी रोड चौड़ीकरण का बढ़ा विरोध

देहरादून साइक्लिंग क्लब ने पर्यावरण बचाओ अभियान को दिया समर्थन, कहा- पेड़ों की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं
देहरादून। मसूरी मार्ग पर प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के लिए किमाड़ी क्षेत्र में करीब 700 पेड़ों की कटाई के विरोध में चल रहे जन आंदोलन को अब देहरादून साइक्लिंग क्लब का भी समर्थन मिल गया है। क्लब ने साफ कहा है कि किमाड़ी की हरियाली केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि देहरादून की पहचान, पर्यावरणीय सुरक्षा और स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
देहरादून साइक्लिंग क्लब के अध्यक्ष हरिसिमरन सिंह ने कहा कि किमाड़ी क्षेत्र लंबे समय से क्लब का पसंदीदा “ग्रीन साइक्लिंग रूट” रहा है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और घने वृक्ष न केवल साइक्लिस्टों बल्कि हजारों प्रकृति प्रेमियों को भी आकर्षित करते हैं। यदि बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की गई तो यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक पहचान खो देगा और आने वाले समय में इसका दुष्प्रभाव पूरे देहरादून पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता। देहरादून पहले ही बढ़ते तापमान, अनियोजित शहरीकरण और प्रदूषण की चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में सैकड़ों पेड़ों को काटने का निर्णय शहर को और अधिक हीट ज़ोन में बदल सकता है।
हरिसिमरन सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देहरादून की जलवायु में स्पष्ट बदलाव देखने को मिले हैं। गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और हरित क्षेत्र तेजी से सिमट रहे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाली पीढ़ियों को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहर में ट्रैफिक प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन, पार्किंग और कूड़ा निस्तारण जैसी मूलभूत समस्याएं अब भी बरकरार हैं, तो केवल सड़क चौड़ीकरण को ही समाधान मानना कितना उचित है। उनका कहना है कि सतत विकास का अर्थ पेड़ों की बलि देना नहीं, बल्कि पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन स्थापित करना है।
देहरादून साइक्लिंग क्लब ने नागरिकों से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि किमाड़ी की हरियाली बचाना केवल एक क्षेत्र को बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि पूरे देहरादून के भविष्य को सुरक्षित रखने की लड़ाई है।
“पेड़ नहीं बचेंगे तो देहरादून की पहचान भी नहीं बचेगी” — इसी संदेश के साथ क्लब ने पर्यावरण बचाओ अभियान को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।


