मेष , वृषभ और मिथुन राशि के लिए दिन सकारात्मक, कर्क, धनु और कुंभ राशि वालों को संभलकर चलने का संकेत
जानिए क्या कहते हैं आज आपके सितारे

21 अप्रैल 2026 (मंगलवार) का पंचांग एवं राशिफल
21 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज वैशाख मास की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि है। इस दिन आदि शंकराचार्य जयंती और सूरदास जयंती भी मनाई जाती है।
पंचांग विवरण
विक्रम संवत् – 2083
संवत्सर – रौद्र
शक संवत् – 1948
हिजरी सन् – 1447 (जिल्काद)
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
मास – वैशाख
पक्ष – शुक्ल पक्ष
तिथि, नक्षत्र और योग
तिथि – पंचमी रात्रि 1:12 तक, तत्पश्चात षष्ठी
नक्षत्र – मृगशिरा रात्रि 11:59 तक, तत्पश्चात आर्द्रा
योग – शोभन दोपहर 12:31 तक, तत्पश्चात अतिगंड
करण – बव दोपहर 2:47 तक, तत्पश्चात बालव
अशुभ समय व दिशा
राहुकाल – दोपहर 3:00 से 4:30 तक
दिशा शूल – उत्तर दिशा
विशेष योग व महत्व
रवियोग – रात्रि 11:59 से प्रारंभ
यमघंट योग – रात्रि 11:59 से सूर्योदय तक
विशेष दिवस – श्री आदि शंकराचार्य जयंती, संत सूरदास जयंती, वैशाख मास प्रारंभ, विवाह के लिए शुभ मुहूर्त
चन्द्रमा की स्थिति
चन्द्रमा दोपहर 1:01 तक वृष राशि में रहेगा, इसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश करेगा
आज का राशिफल
मेष (Aries):
चंद्रमा और देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि के तीसरे भाव में स्थित रहेंगे, जिसके कारण साहस बढ़ेगा लेकिन भाई-बहनों से तीखा मतभेद हो सकता है। करियर में मंगल की दृष्टि आपको जिद्दी बनाएगी जिससे ऑफिस में तनाव बढ़ सकता है। लव लाइफ में पुरानी कड़वाहट उभरने का डर है, इसलिए पार्टनर से बहस करने से बचें। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह न रहें, वरना गर्दन या कंधों में तेज दर्द परेशान कर सकता है।
वृष (Taurus):
चंद्रमा और देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि के दूसरे भाव में स्थित रहेंगे, जिसके कारण धन लाभ तो होगा पर परिवार में किसी बात पर बड़ा झगड़ा होने की आशंका है। शुक्र की उपस्थिति ऐश्वर्य देगी लेकिन राहु की कुदृष्टि आपके सुखों में खलल डाल सकती है। नौकरी में गुप्त शत्रु आपकी छवि बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, इसलिए अपनी योजनाएं गुप्त रखें। खान-पान पर नियंत्रण रखें, वरना अचानक फूड पॉइजनिंग जैसी स्थिति बन सकती है।
मिथुन (Gemini):
चंद्रमा और देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि के प्रथम भाव में स्थित रहेंगे, जिसके कारण आपकी बुद्धि प्रखर होगी लेकिन मन में अज्ञात भय बना रहेगा। गजकेसरी योग आपको मान-सम्मान दिलाएगा, पर शनि आपके कार्यों में देरी कर सकते हैं। प्रेम संबंधों में किसी तीसरे व्यक्ति के हस्तक्षेप से दरार आने का खतरा है। स्वास्थ्य में मानसिक भारीपन और अनिद्रा की समस्या परेशान कर सकती है।
कर्क (Cancer):
चंद्रमा और देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि के बारहवें भाव में स्थित रहेंगे, जिसके कारण फिजूलखर्ची बढ़ेगी और आप किसी कानूनी उलझन में फंस सकते हैं। करियर में मेहनत का फल न मिलने से मन में उदासी रह सकती है। पार्टनर के साथ रिश्तों में अविश्वास बढ़ सकता है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
सिंह (Leo):
चंद्रमा और देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि के ग्यारहवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे आय के नए स्रोत खुलेंगे, लेकिन स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ सकता है। रिलेशनशिप में पार्टनर की बात मन को ठेस पहुंचा सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों के दबाव का सामना करना पड़ सकता है। पेट से जुड़ी समस्या उभर सकती है।
कन्या (Virgo):
चंद्रमा और देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि के दसवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे कार्यक्षेत्र में बड़ा पद मिल सकता है, लेकिन काम का बोझ बढ़ेगा। पार्टनर के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं। बिजनेस में बड़ी डील हाथ से निकल सकती है। पैर या हड्डियों में दर्द परेशान कर सकता है।
तुला (Libra):
चंद्रमा और देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि के नौवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे भाग्य का साथ मिलेगा, लेकिन मन भटक सकता है। करियर में भ्रम की स्थिति बन सकती है। लव लाइफ में आकर्षण रहेगा, लेकिन पार्टनर की सेहत चिंता बढ़ा सकती है। मांसपेशियों में खिंचाव संभव है।
वृश्चिक (Scorpio):
चंद्रमा और देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि के आठवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे अचानक बाधाएं आ सकती हैं। धन हानि का योग बन सकता है। पार्टनर के साथ विश्वास की समस्या पैदा हो सकती है। दुर्घटनाओं के प्रति सतर्क रहें।
धनु (Sagittarius):
चंद्रमा और देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि के सातवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे पार्टनरशिप में लाभ होगा, लेकिन वैवाहिक जीवन में तनाव आ सकता है। करियर में बदलाव का विचार आ सकता है। सिरदर्द या माइग्रेन परेशान कर सकता है।
मकर (Capricorn):
चंद्रमा और देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि के छठे भाव में स्थित रहेंगे, जिससे शत्रु सक्रिय रहेंगे और कर्ज का दबाव बढ़ सकता है। नौकरी में तालमेल बिगड़ सकता है। प्रेम संबंधों में तनाव बढ़ेगा। त्वचा रोग या इन्फेक्शन का खतरा है।
कुंभ (Aquarius):
चंद्रमा और देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि के पांचवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे विद्या में वृद्धि होगी, लेकिन संतान को लेकर चिंता बनी रहेगी। मानसिक तनाव और अकेलेपन की भावना बढ़ सकती है। पार्टनर से विवाद हो सकता है। हृदय रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए।
मीन (Pisces):
चंद्रमा और देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि के चौथे भाव में स्थित रहेंगे, जिससे घरेलू माहौल अशांत रह सकता है। क्रोध बढ़ सकता है और बनते काम बिगड़ सकते हैं। रिलेशनशिप में दूरी आ सकती है। सीने या फेफड़ों से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है।


