
प्रेम नगर। प्रेम नगर स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा में दसवें पातशाह श्री गुरु गोविंद सिंह जी का पावन प्रकाश पर्व रविवार को पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा परिसर सुबह से ही श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा।
प्रातः से ही विशेष दीवान सजाए गए, जिनमें बाहर से पधारे प्रसिद्ध रागी जत्थों — भाई अरविंदर सिंह जी नूर (हजूरी रागी दरबार साहब, श्री अमृतसर), भाई परमजीत सिंह जी दिल्लीवाले एवं भाई बलप्रीत सिंह जी लुधियाना वालों द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण शबद कीर्तन ने संगत को गुरु भक्ति से सराबोर कर दिया।
“सूरा सो पहचानिए, जो लड़े दीन के हेत” जैसे शबदों के गायन पर संगत ने “वाहेगुरु” के जयकारों के साथ नतमस्तक होकर गुरु महिमा का गुणगान किया।
गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना कर समाज को समानता, साहस और आत्मसम्मान का संदेश दिया। उन्होंने जाति-भेद और ऊंच-नीच के खिलाफ आवाज बुलंद की तथा धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया। चार साहिबज़ादों का अद्वितीय बलिदान भारतीय इतिहास में त्याग और वीरता की अमिट मिसाल है। गुरु जी ने मानवता, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी, जो आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है।
प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में गुरु का अटूट लंगर लगाया गया, जो देर शाम तक चलता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर लंगर ग्रहण किया। इसके साथ ही मिष्ठान का वितरण भी किया गया, जिससे पूरे परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा।
आज के प्रकाश पर्व की व्यवस्थाओं की पूरी जिम्मेदारी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने संभाली, जिसमें प्रधान भगत पाल सिंह के नेतृत्व में शरणजीत सिंह, रविंद्र सिंह, निहाल सिंह, सतनाम सिंह, कुलदीप सिंह, मनमोहन सिंह गुलाटी तथा बीबी जसबीर कौर ने समन्वय और आयोजन की जिम्मेदारी निभाई।
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने बताया कि रात्रि के विशेष दीवान श्री दमदमा साहब दरबार में सजाए जाएंगे, जहां देर रात्रि तक शबद कीर्तन एवं अरदास का आयोजन होगा। पूरे आयोजन के दौरान प्रेम नगर क्षेत्र गुरु भक्ति, सेवा और आपसी भाईचारे के रंग में रंगा नजर आया।




