
प्रेम नगर सनातन धर्म मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का चतुर्थ दिवस भक्ति और उल्लास से सराबोर
प्रेम नगर स्थित सनातन धर्म मंदिर में आयोजित 34वें मूर्ति स्थापना महोत्सव के अवसर पर चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा भक्तिभाव और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है। कथा के चौथे दिन मंदिर परिसर भगवान के जयकारों, भजनों और कीर्तन से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा में सहभागिता कर धर्म लाभ अर्जित किया। कथा व्यास पं. प्रवीण नौटियाल जी ने अपने ओजस्वी वाणी और सरल उदाहरणों के माध्यम से भगवान की लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
वामन अवतार से अहंकार के नाश का संदेश
कथा व्यास पं. प्रवीण नौटियाल जी ने वामन अवतार का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण कर राजा बलि से तीन पग भूमि की याचना की। भगवान ने एक पग में पृथ्वी और दूसरे पग में आकाश नाप लिया। जब तीसरे पग के लिए स्थान न बचा तो राजा बलि ने अपना शीश अर्पित कर दिया। भगवान ने उसके समर्पण से प्रसन्न होकर उसका अभिमान चूर किया और उसे परम धाम प्रदान किया। इस प्रसंग के माध्यम से कथा व्यास ने संदेश दिया कि संसार की हर वस्तु भगवान की है और सच्चा समर्पण ही मुक्ति का मार्ग है।
श्रीकृष्ण जन्म और नंदोत्सव में झूमे श्रद्धालु
इसके पश्चात श्रीकृष्ण जन्म की अलौकिक कथा का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने बताया कि कंस के अत्याचारों के अंत और धर्म की स्थापना के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा में अवतार लिया। श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंग के साथ ही नंद बाबा के घर हुए नंदोत्सव का सजीव वर्णन सुनकर श्रद्धालु आनंद से झूम उठे।
“नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल” के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। इस अवसर पर भक्तों द्वारा मिठाइयों और टॉफियों का वितरण किया गया तथा श्रद्धालुओं ने नृत्य कर उत्सव का आनंद लिया।
नाम स्मरण से मोक्ष का मार्ग
कथा व्यास पं. प्रवीण नौटियाल जी ने धर्माचरण, पाप-पुण्य और नाम स्मरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान के नाम का कीर्तन और उनकी लीलाओं का श्रवण करने से समस्त पापों का नाश होता है। उन्होंने महाराज परीक्षित का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से उन्होंने परम गति प्राप्त की। चौथे दिन की कथा ने भक्तों को भगवान के अवतारों के पीछे छिपे गहरे आध्यात्मिक अर्थों को समझने का अवसर प्रदान किया।
श्रद्धालुओं और सेवाभावियों की सक्रिय सहभागिता
कथा के आयोजन में बलविंदर मैनी, अनीता मैनी, विनोद कुमार का विशेष सहयोग है । कथा श्रवण करने वाले में पारुल बिश्नोई, नीरू छिब्बर, पूनम सैनी, सुनीता माकिन, अवतार किशन कौल, मनोज बहल, सुभाष माकिन, रविंदर माकिन, पूनम सैनी , गीता साहनी, पूनम माटा, बीनू खन्ना, चंपा, शशि ओबेरॉय , तन्वी गुजराल, गीता शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने सेवा भाव से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया। कथा उपरांत युवा मंडल अध्यक्ष जतिन तलवार ने सुजल व अपनी पूरी टीम के साथ श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया। वातावरण भक्ति, आनंद और उल्लास से सराबोर नजर आया।




