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94 फीट ऊंचे झंडेजी के आरोहण के साथ देहरादून में ऐतिहासिक झंडा मेला शुरू 

27 मार्च को रामनवमी पर्व पर होगा मेले का समापन

होली के पांचवें दिन चतुर्वेदी पंचमी पर संत गुरु राम राय महाराज की जयंती के अवसर पर हजारों श्रद्धालु बने पावन क्षण के साक्षी

देहरादून : राजधानी देहरादून में आस्था, परंपरा और सद्भाव का प्रतीक ऐतिहासिक झंडा मेला रविवार से शुरू हो गया। श्री गुरु राम राय दरबार साहिब परिसर में धार्मिक विधि-विधान के साथ पवित्र झंडेजी का आरोहण कर मेले का शुभारंभ किया गया। इस दौरान उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।

करीब साढ़े तीन सौ वर्ष पुरानी परंपरा से जुड़े इस मेले का आयोजन हर वर्ष होली के पांचवें दिन चतुर्वेदी पंचमी को किया जाता है। यह दिन संत गुरु राम राय महाराज की जयंती के रूप में मनाया जाता है और इसी अवसर पर दरबार साहिब में ऐतिहासिक झंडा मेले का आयोजन होता है। इस पावन पर्व में उत्तराखंड के अलावा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और विदेशों से भी बड़ी संख्या में संगतें देहरादून पहुंचती हैं।

रविवार सुबह करीब सात बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ पुराने झंडेजी को उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद दूध, दही और गंगाजल से पवित्र ध्वज का स्नान कराया गया। सुबह दस बजे से नए गिलाफ चढ़ाने की परंपरा निभाई गई और दोपहर एक बजे सुनील के गिलाफ चढ़ाए गए। इस दौरान दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने संगत को आशीर्वाद दिया।

दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठानों के बाद ठीक शाम 4 बजकर 12 मिनट पर 94 फीट ऊंचे पवित्र श्री झण्डे जी का आरोहण पूर्ण हुआ। इस दिव्य क्षण का साक्षी बनते ही संगतों ने “जय श्री गुरु राम राय जी महाराज” और जय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के गगनभेदी जयकारे लगाए और ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूम उठे। इसी के साथ देहरादून की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर श्री झण्डे जी मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया। श्रद्धालु ढोल की थाप पर झूम उठे और कई श्रद्धालुओं की आंखें इस भावुक क्षण में नम भी हो गईं।

इस बार देहरादून के व्यापारी अनिल कुमार गोयल के परिवार को दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। झंडेजी के आरोहण के दौरान लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

बाज के दर्शन को माना गया दिव्य दर्शन

श्री झण्डे जी आरोहण के बाद एक बाज ने श्री झण्डे जी की परिक्रमा की। श्रद्धालु इसे हर वर्ष की तरह श्री गुरु राम राय जी महाराज की सूक्ष्म दिव्य उपस्थिति का प्रतीक मानते हैं। इस अद्भुत दृश्य ने संगतों की श्रद्धा को और भी गहरा कर दिया और पूरा परिसर भक्ति के उल्लास से झूम उठा।

मेले का आयोजन इस वर्ष रामनवमी तक चलेगा। 10 मार्च को सुबह साढ़े सात बजे दरबार साहिब से नगर परिक्रमा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। 27 मार्च को रामनवमी के अवसर पर झंडा मेले का समापन होगा।

मेला आयोजन समिति के अनुसार इस दौरान दरबार साहिब में धार्मिक अनुष्ठान, नगर परिक्रमा, भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

मान्यता है कि दरबार साहिब में झंडेजी के दर्शन करने और मत्था टेकने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि देश-विदेश से संगतें साल भर इस पावन अवसर की प्रतीक्षा करती हैं और झंडा मेले में शामिल होने देहरादून पहुंचती हैं।

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