भक्ति और उल्लास में डूबा प्रेम नगर, श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर निकली भव्य शोभायात्रा
एक से बढ़कर एक झांकियों ने बांधा समा


देहरादून। प्रेमनगर में शुक्रवार, 15 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भक्ति और उल्लास में सराबोर रहा। सनातन धर्म मंदिर से सायं 4 बजे आरंभ हुई भव्य शोभायात्रा पूरे प्रेम नगर क्षेत्र और मुख्य बाजार से होती हुई रात्रि 9 बजे मंदिर प्रांगण में सम्पन्न हुई। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, जहां सभी भक्ति में लीन नजर आए।
धर्मध्वजा से आरंभ, आकर्षक झांकियों से सजा यात्रा मार्ग
शोभायात्रा का शुभारंभ धर्म ध्वज लिए श्रद्धालु से हुआ, जिनके पीछे ऊँट पर सवार बच्चे आकर्षक वेशभूषा में सभी का ध्यान खींच रहे थे। इसके बाद भारत माता, गणपति महाराज, श्रीकृष्ण, भगवान भोलेनाथ व माता पार्वती तथा खाटू श्याम जी सहित अनेक झांकियां देखने को मिलीं, जो भक्ति और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रही थीं।

महिला संकीर्तन मंडल ने भजनों से बंधा समा
शोभायात्रा के अंत में मंदिर की भव्य झांकी थी, जिसमें महिला संकीर्तन मंडल भगवान कृष्ण के भजनों का गुणगान करते हुए चल रहा था। भजनों की मधुर धुन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसी झांकी में पंडित कृष्ण प्रसाद जी विराजमान थे, जो श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर रहे थे। यात्रा में दो-तीन बैंड दल भी शामिल थे, जिन्होंने अपनी मधुर और जोशीली धुनों से समा बांध दिया।
प्रेम नगर चौक पर रासलीला
प्रेम नगर चौक पर भव्य रासलीला का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने श्रीकृष्ण भजनों पर एक से बढ़कर एक मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने राधा कैसे न जले, वो कृष्णा है, बजाओ ढोल स्वागत में मेरे घर राम आए हैं भजनों पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। इस कार्यक्रम का आयोजन सोम गिरोटी और गुलशन माकिन ने किया।

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पूरी यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात रहे और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखी गई। शोभा यात्रा के मार्ग पर जगह जगह प्रशाद वितरण किया जा रहा था। कहीं कड़ी चावल, कही खीर तो कही हलवे का प्रशाद बंट रहा था।

शोभायात्रा के आयोजन में अखिल भाटिया, जतिन तलवार, जगदीश गिरोटी, मनु भाटिया, भूषण भाटिया, जितेंद्र तनेजा, दीपक भाटिया, राजेश भाटिया, फकीरचंद क्षेत्रपाल, बलविंदर मैनी, जगमोहन मल्होत्रा आदि ने विशेष सहयोग दिया।




