
प्रेमनगर (देहरादून)। सनातन धर्म मंदिर, प्रेमनगर में आयोजित वार्षिक मूर्ति स्थापना एवं श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के पंचम दिवस पर कथा वाचक आचार्य प्रवीण नौटियाल महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और वातावरण भक्तिरस से सराबोर रहा।
महाराज श्री ने कहा कि वास्तविक धनवान वही है जो अपने तन, मन और धन से प्रभु की सेवा व भक्ति करता है। परमात्मा की प्राप्ति केवल सच्चे प्रेम से ही संभव है। उन्होंने पूतना चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार पूतना राक्षसी ने बालकृष्ण को विषपान कराने का प्रयास किया, किंतु भगवान श्रीकृष्ण ने स्तनपान करते-करते ही उसका वध कर उसका कल्याण किया।
कथा में बताया गया कि पूतना वध के पश्चात माता यशोदा ने पंचगव्य—गाय के गोबर व गोमूत्र से भगवान श्रीकृष्ण को स्नान कराया। महाराज श्री ने गौ सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौ माता की सेवा से 33 करोड़ देवी-देवताओं की सेवा का पुण्य प्राप्त होता है। साथ ही गायत्री मंत्र जप और श्रीमद्भगवद्गीता पाठ को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
माटी खाने की लीला का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने बताया कि जब यशोदा माता ने श्रीकृष्ण से मुख खोलने को कहा तो उनके मुख में सम्पूर्ण ब्रह्मांड—चराचर जगत, त्रिलोक, ग्रह-नक्षत्र, पंचतत्व, काल, कर्म और स्वयं ब्रजधाम के दर्शन हुए। योगमाया के प्रभाव से माता यशोदा पुनः वात्सल्य भाव में बंध गईं, जिससे भगवान की बाल लीलाएं निरंतर चलती रहीं।
कथा के दौरान गोवर्धन लीला का भी विस्तार से वर्णन किया गया। ब्रजवासियों द्वारा इंद्र पूजा त्यागकर गिरिराज महाराज की पूजा करने पर इंद्र के क्रोध से हुई मूसलाधार वर्षा से रक्षा हेतु भगवान श्रीकृष्ण ने गिरिराज पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की। अंत में इंद्र को अपनी भूल का अहसास हुआ और उन्होंने भगवान से क्षमा याचना की।
महाराज श्री ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि आज की पीढ़ी अपने धर्म और संस्कारों को समझना चाहती है तो गीता, भागवत और रामायण का अध्ययन आवश्यक है, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ भी संस्कारी बनेंगी। कथा के दौरान “राधे कृष्ण गोविंद गोपाल, राधे राधे” भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
आयोजन को सफल बनाने में सनातन धर्म मंदिर प्रबंधक कमेटी, महिला संकीर्तन मंडल, युवा मंडल, एवं कार्यकर्ताओं ने विशेष योगदान दिया। इस अवसर पर बलविंदर मैनी, सुभाष माकिन, राजेश भाटिया (टोनी), कीमत गुलाटी, मनोज बहल, मन्नू भाटिया, दिव्य कोहली, गुलशन माकिन, पारुल बिश्नोई, नीरू छिब्बर, नेहा बाली, सुनीता माकिन, शशि ओबेरॉय, कमलेश कनोजिया, अवतार किशन कौल, पूनम सैनी, गीता साहनी, अंजू सैनी, पूनम माटा, बीनू खन्ना, पम्मी भाटिया सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विशेष रूप से युवा मंडल के जतिन तलवार ने अपनी पूरी टीम के साथ आयोजन में विशेष सहयोग दिया, जिससे कार्यक्रम सुचारु और सफल ढंग से संपन्न हो सका। कथा उपरांत सभी श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया और माहौल भक्ति, उल्लास और आनंद से सराबोर रहा। आज सभी श्रद्धालु छप्पन भोग के लिए तरह तरह के मिष्ठान और अन्य सामग्री लाए थे। कथा के उपरांत सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया



