देहरादून में भागीरथी इको जोन को लेकर विरोध, देवदार जंगल पर वन स्वीकृति रद्द करने की मांग

देहरादून। भागीरथी इको जोन में देवदार के घने जंगलों के विरुद्ध जारी की गई वन स्वीकृति को तत्काल निरस्त करने की मांग को लेकर आज देहरादून के विभिन्न पर्यावरणीय और सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की। संगठनों के प्रतिनिधियों ने पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय और राज्य वन विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि भागीरथी इको जोन अत्यंत संवेदनशील पारिस्थितिकी क्षेत्र है, जहां देवदार के जंगल न केवल जैव विविधता बल्कि जल संरक्षण और स्थानीय समुदायों की आजीविका के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे क्षेत्र में वन स्वीकृति देना पर्यावरणीय संतुलन के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है।
संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल हर्षिल में कुछ दिन पूर्व देवदार के जंगलों को बचाने के लिए चलाए गए ‘रक्षा सूत्र अभियान’ के समर्थन में अग्रिम कार्यवाही का हिस्सा है। प्रतिनिधियों के अनुसार, हर्षिल क्षेत्र में स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने देवदार के वृक्षों की रक्षा के लिए सांकेतिक रूप से रक्षा सूत्र बांधकर विरोध दर्ज कराया था।
पर्यावरण और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की कि भागीरथी इको जोन में किसी भी प्रकार की परियोजना से पूर्व व्यापक पर्यावरणीय आकलन किया जाए और स्थानीय समुदायों की सहमति को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि वन स्वीकृति निरस्त नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले पर विचार का आश्वासन दिया है।



